NCLT के आदेश के बाद Ashapura Intimates Fashion लिक्विडेशन से बाहर आ गई है। अब कंपनी अपना पूरा ध्यान टेक्सटाइल से हटाकर एग्रीकल्चर, रियल एस्टेट, ज्वेलरी और IT/AI जैसे क्षेत्रों पर लगाने की तैयारी कर रही है।
रिवाइवल और नई रणनीति
कंपनी ने 3 जून, 2025 को NCLT के आदेश के बाद लिक्विडेशन से बाहर निकलकर दोबारा कामकाज शुरू किया है। 1 जुलाई, 2025 से एक नया बोर्ड भी गठित किया गया है। अब कंपनी 30 सितंबर, 2026 को होने वाली अपनी AGM में अपने बिजनेस स्कोप को पूरी तरह बदलने और अपना रजिस्टर्ड ऑफिस महाराष्ट्र से गुजरात शिफ्ट करने का प्रस्ताव रखेगी।
चार नए वर्टिकल में एंट्री
कंपनी अब एक डायवर्सिफाइड कॉंग्लोमरेट बनने की कोशिश में है। इसमें IT और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रियल एस्टेट कंस्ट्रक्शन, ज्वेलरी ट्रेडिंग और एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र शामिल हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कंपनी ने ₹0.05 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि ग्रॉस इनकम ₹0.02 करोड़ रही।
निवेशकों के लिए सावधानी
कंपनी के ऑडिटर्स ने फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट्स की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। ऑडिटर्स ने 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है क्योंकि इन्वेंट्री, ट्रेड पेबल्स और रिसीवेबल्स जैसे महत्वपूर्ण डेटा को वेरिफाई करने के लिए पर्याप्त डॉक्यूमेंट्स उपलब्ध नहीं थे। इस वजह से पुरानी बैलेंस शीट की सटीकता पर सवाल उठ रहे हैं।
बोर्ड में बदलाव और AGM पर नजर
आगामी AGM में नए डायरेक्टर्स जैसे हेट मेहुलभाई ठक्कर, आरजू राघूभाई रबारी और पूजा मंथन पटेल की नियुक्ति को औपचारिक रूप दिया जाएगा। इन्वेस्टर्स को यह देखना होगा कि कंपनी इन चार नए वर्टिकल्स में काम कैसे शुरू करती है, क्योंकि अभी तक मैनेजमेंट ने कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिया है।
