Aruna Hotels ने FY 2025-26 के लिए शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) को **₹3.16 करोड़** तक पहुंचाया है। कंपनी अपने 'Pharos Hotels' ब्रांड के जरिए कामकाज को विस्तार दे रही है, लेकिन भारी कर्ज और NCLT से जुड़े कानूनी मामले निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर एक नज़र
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के लिए अपने नतीजे जारी कर दिए हैं। इस साल प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) उछलकर ₹3.16 करोड़ पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा केवल ₹0.16 करोड़ था। वहीं, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी बढ़कर ₹25.10 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल ₹23.67 करोड़ था। हालांकि, ज्यादा टैक्स देनदारी के कारण नेट प्रॉफिट मामूली घटकर ₹0.81 करोड़ रह गया है, जो पिछले साल ₹1.03 करोड़ था।
मैनेजमेंट और AGM अपडेट
कंपनी ने अपनी 64वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) की घोषणा कर दी है, जो 25 सितंबर, 2026 को आयोजित की जाएगी। मैनेजमेंट में बड़े बदलाव करते हुए बोर्ड ने श्री राधस्वामी वेंकटेश्वरन को 5 साल के लिए दोबारा मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने की सिफारिश की है। साथ ही, श्री एम. इरुलाप्पन को एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त किया गया है, जिस पर शेयरधारकों की मुहर लगनी बाकी है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
कंपनी की बैलेंस शीट पर भारी कर्ज का दबाव साफ दिख रहा है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की लॉन्ग-टर्म उधारी ₹118.44 करोड़ थी। इसके अलावा, Insolvency and Bankruptcy Code (IBC) के तहत NCLT और NCLAT में कानूनी कार्यवाही अभी भी जारी है। साथ ही, ₹2.51 करोड़ की सेल्स टैक्स डिमांड का मामला भी कोर्ट में लंबित है, जिसे मैनेजमेंट 'टाइम-बार्ड' मान रहा है।
आगे के लिए, निवेशकों को कंपनी की डेट कम करने की क्षमता और कानूनी विवादों के निपटारे पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
