Artemis ADR Marketplace ने कमोडिटी ट्रेडिंग से किनारा कर लिया है। अब कंपनी पूरी तरह से अल्टरनेट डिस्प्यूट रेजोल्यूशन (ADR) सर्विसेज पर फोकस कर रही है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी को **₹0.75 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, लेकिन **₹35.49 करोड़** की नई फंडिंग ने भविष्य की उम्मीदें जगा दी हैं।
बड़ा बिजनेस बदलाव
पूर्व में 'Jetmall Spices' के नाम से जानी जाने वाली इस कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपने पुराने कारोबार को अलविदा कह दिया है। 15 दिसंबर 2025 से कंपनी ने कमोडिटी ट्रेडिंग पूरी तरह बंद कर दी है। अब इनका पूरा ध्यान मेडिएशन, आर्बिट्रेशन और कंसीलिएशन (ADR) सर्विसेज पर है। इस बड़े बदलाव के साथ कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस भी अब चंडीगढ़ शिफ्ट हो गया है।
फाइनेंशियल हेल्थ और कैपिटल
FY26 के नतीजों पर नजर डालें तो कंपनी का रेवेन्यू ₹0.58 करोड़ रहा, जबकि नेट लॉस ₹0.75 करोड़ दर्ज किया गया। हालांकि, कंपनी ने Bridge India Fund (एक कैटेगरी-1 FPI) को 98.5 लाख इक्विटी वारंट जारी कर ₹35.49 करोड़ की बड़ी पूंजी जुटाई है। यह फंड कंपनी के नए इकोसिस्टम को खड़ा करने और ऑपरेशनल जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
कंपनी के सामने अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं। पुरानी मैनेजमेंट के समय के करीब ₹7.72 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स और लोन अभी भी बकाया हैं, जिसे लेकर नया बोर्ड काफी सतर्क है और इनके राइट-ऑफ या रिकवरी पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के प्रोफिशिएंसी टेस्ट और डिपॉजिट एक्सेप्टेंस को लेकर भी कुछ पुरानी कंप्लायंस दिक्कतें हैं जिन्हें सुलझाया जा रहा है।
मैनेजमेंट में बदलाव
नई शुरुआत के लिए लीडरशिप भी बदल दी गई है। Mr. Shrey Aggarwal को होल-टाइम डायरेक्टर बनाया गया है। वहीं, ऑडिटिंग के लिए M/s K Singh & Associates को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिन्होंने DARPAN & ASSOCIATES की जगह ली है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होनी चाहिए कि ADR प्लेटफॉर्म से कंपनी कितना रेवेन्यू जनरेट कर पाती है और पुरानी बकाया राशि की रिकवरी में कितनी कामयाबी मिलती है।
