Aris International Ltd ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए बड़े फैसले का ऐलान किया है। कंपनी अपने शेयर को स्प्लिट (Split) करने जा रही है, जिससे फेस वैल्यू **₹10** से घटकर **₹5** हो जाएगी।
शेयर स्प्लिट का गणित
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरों के सब-डिवीजन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद, मौजूदा ₹10 फेस वैल्यू वाले शेयर अब ₹5 के हो जाएंगे। इसका सीधा असर शेयरों की संख्या पर पड़ेगा, जो 15 लाख से बढ़कर 30 लाख हो जाएगी, जबकि कंपनी की पेड-अप कैपिटल ₹1.5 करोड़ पर स्थिर रहेगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
शेयर स्प्लिट का मुख्य मकसद मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ाना है। शेयर की कीमत कम होने से रिटेल निवेशकों के लिए इसमें एंट्री करना आसान हो जाता है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
बड़े निवेश की तैयारी
स्प्लिट के अलावा, कंपनी ने अपना फाइनेंशियल दायरा बढ़ाने का भी मन बना लिया है। Aris International ने कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 185 और 186 के तहत लोन और निवेश के लिए ₹50 करोड़ तक की सीमा की अनुमति मांगी है।
आगे का रास्ता
अब कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को पोस्टल बैलट (Postal Ballot) नोटिस जारी करेगी। इन दोनों प्रस्तावों पर अमल तभी होगा जब इसे शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और जरूरी रेगुलेटरी क्लियरेंस मिल जाएगा।
