Antariksh Industries में प्रमोटर समूह का नियंत्रण बढ़ गया है। Alpitkumar Pravinchandra Gor और Riddhi Infocom Solutions के नेतृत्व में ओपन ऑफर पूरा होने के बाद प्रमोटर्स के पास अब **15,74,857** शेयर हो गए हैं, जिससे पब्लिक शेयरहोल्डिंग घटकर महज **1.79%** रह गई है।
ओपन ऑफर का समापन और प्रमोटर्स की ताकत
Antariksh Industries में बदलाव का दौर अब एक अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। कंपनी ने आधिकारिक रूप से ओपन ऑफर की प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसे Alpitkumar Pravinchandra Gor और Riddhi Infocom Solutions LLP ने लीड किया था। SEBI (SAST) रेगुलेशन के तहत निवेशकों को भुगतान की प्रक्रिया 24 सितंबर, 2026 तक पूरी कर दी गई है।
आंकड़ों में समझें अधिग्रहण की गणित
हालांकि ओपन ऑफर में 6,31,785 शेयरों का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन रिटेल निवेशकों की तरफ से केवल 10,708 शेयर ही ऑफर किए गए। इससे संकेत मिलता है कि ₹86.00 प्रति शेयर की कीमत पर शेयर बेचने में निवेशकों की दिलचस्पी कम रही। प्रमोटर्स ने अपनी होल्डिंग मुख्य रूप से इन तीन तरीकों से बढ़ाई है:
- शेयर परचेज एग्रीमेंट: 1,50,599 शेयर (6.20%)
- प्रेफरेंशियल इश्यू: 14,13,550 शेयर (58.17%)
- ओपन ऑफर: 10,708 शेयर (0.44%)
रिटेल निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इस प्रक्रिया के बाद प्रमोटर ग्रुप के पास 15,74,857 शेयर हो गए हैं। इसका सीधा असर पब्लिक शेयरहोल्डिंग पर पड़ा है, जो पहले 2.23% (54,341 शेयर) थी, वह अब घटकर 1.79% (43,633 शेयर) रह गई है। फ्लोट कम होने का सीधा मतलब है कि मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
शेयरों की इतनी कम उपलब्धता को देखते हुए निवेशकों को कंपनी की अगली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर नजर रखनी चाहिए। भविष्य में कॉरपोरेट गवर्नेंस में बदलाव या डीलिस्टिंग की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है।
