Andhra Pradesh Tanneries के लिए मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी ने FY26 के दौरान **₹14.50 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जबकि BSE ने लिस्टिंग फीस न भरने के कारण इसके शेयरों में ट्रेडिंग सस्पेंड कर दी है।
फाइनेंशियल संकट की गहराई
हाल ही में संपन्न हुई 52वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कंपनी की खस्ताहाल स्थिति खुलकर सामने आई है। 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी ने ₹14.50 लाख का नेट लॉस दर्ज किया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि कंपनी की टोटल इक्विटी ₹1,299.33 लाख के निगेटिव जोन में पहुंच गई है, जो सीधे तौर पर एक गहरे फाइनेंशियल संकट की ओर इशारा करती है।
क्यों बंद है कामकाज?
कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशन लंबे समय से पूरी तरह से ठप पड़ा है। BSE द्वारा ट्रेडिंग सस्पेंशन और लिस्टिंग फीस का भुगतान न करना कंपनी के लिए बड़ी बाधाएं बनी हुई हैं। ऑडिटर्स ने कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) स्टेटस पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसका मतलब है कि बिजनेस का भविष्य खतरे में है।
रेगुलेटरी चुनौतियां
सिर्फ फाइनेंशियल लॉस ही नहीं, कंपनी SEBI के नियमों के उल्लंघन में भी फंसी है। कंपनी SEBI (LODR) रेगुलेशन 38 के तहत मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग के नियमों को पूरा करने में विफल रही है। इसके अलावा, लगभग 16.26 लाख इक्विटी शेयर अभी भी लिस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं।
आगे की राह
कंपनी ने 1 मई 2026 को नए कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर की नियुक्ति की है ताकि रेगुलेटरी गैप्स को भरा जा सके। हालांकि, कंपनी की तरफ से रिवाइवल (Revival) के लिए कोई ठोस रोडमैप या समय सीमा नहीं दी गई है। निवेशकों को कंपनी की तरफ से आने वाली आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि फिलहाल स्टॉक में लिक्विडिटी का भारी संकट है।
