Amit International के FY26 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी को **₹15.25 लाख** का शुद्ध घाटा हुआ है और रेवेन्यू घटकर सिर्फ **₹8.26 लाख** रह गया है। इस वित्तीय संकट के बीच कंपनी में मैनेजमेंट लेवल पर भारी फेरबदल हुआ है।
वित्तीय प्रदर्शन में गिरावट
कंपनी का प्रदर्शन पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले काफी कमजोर रहा है। पिछले साल ₹12.57 लाख का मुनाफा कमाने वाली यह कंपनी इस बार ₹15.25 लाख के नुकसान में आ गई है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी तेजी से गिरकर ₹8.26 लाख पर आ गया है, जो पहले ₹42.42 लाख था।
मैनेजमेंट में उथल-पुथल
सितंबर 2025 से जून 2026 के बीच कंपनी में डायरेक्टरों के इस्तीफे और नई नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहा। कंपनी के सीएफओ (CFO) और कंपनी सेक्रेटरी जैसे अहम पदों पर भी बदलाव हुए हैं। साथ ही, कंपनी ने 'M/s S C L J & Associates' को नया स्टेट्यूटरी ऑडिटर नियुक्त किया है, जिन्होंने 'M/s Vinod S Mehta & Co.' की जगह ली है।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी के सेक्रेटेरियल ऑडिट में खुलासा हुआ है कि डिस्क्लोजर फाइलिंग में देरी और एसडीड़ी (SDD) नियमों का पालन न करने जैसी खामियां सामने आई हैं। कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं, जिससे सतर्क रहने की जरूरत है।
आगे क्या होगा?
अब सभी की निगाहें 29 सितंबर, 2026 को मुंबई में होने वाली 32वीं AGM पर टिकी हैं। शेयरहोल्डर्स इस मीटिंग में मैनेजमेंट से प्रॉफिट में वापसी और कंपनी के गवर्नेंस सुधारों पर जवाब मांग सकते हैं।
