Amalgamated Electricity Company Ltd ने ₹650 करोड़ के प्रिफरेंशियल इश्यू के लिए शेयरधारकों से मंजूरी मांगी है। पिछली बार समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी न होने के बाद कंपनी ने अब नया पोस्टल बैलेट शुरू किया है।
फंड जुटाने की नई कवायद
कंपनी 130 करोड़ नए शेयर जारी कर ₹650 करोड़ का फंड इकट्ठा करना चाहती है। इसके लिए 6 नॉन-प्रमोटर एंटिटीज को शेयर अलॉट किए जाएंगे। शेयरधारकों के लिए ई-वोटिंग 2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक खुली रहेगी। गौर करने वाली बात यह है कि पिछले प्रयास में कंपनी को BSE से इन-प्रिंसिपल मंजूरी तो मिली थी, लेकिन 15 दिन की डेडलाइन के भीतर अलॉटमेंट पूरा न हो पाने के कारण वह कोशिश विफल रही थी।
कारोबार का नया विस्तार
बिजली क्षेत्र से हटकर कंपनी अब तकनीक और भविष्य के उद्योगों में कदम रख रही है। कंपनी अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में बदलाव कर रही है ताकि वह AI टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर सर्विसेज और इलेक्ट्रिक व्हीकल डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्र में कारोबार कर सके। इस प्रस्तावित फंड का ₹487.50 करोड़ बिजनेस विस्तार के लिए और ₹162.50 करोड़ जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
निवेशकों के लिए जोखिम और सतर्कता
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का यह दूसरा प्रयास है। पहले भी नियामक की टिप्पणियों के कारण काम अधूरा रह गया था। अब इस बार Brickwork Ratings India Private Limited को मॉनिटरिंग एजेंसी नियुक्त किया गया है, जो फंड के सही इस्तेमाल पर नजर रखेगी। चूंकि कंपनी का यह नया बिजनेस मॉडल अभी अनटेस्टेड है, इसलिए निवेशकों को मैनेजमेंट के एग्जीक्यूशन पर नजर रखनी होगी।
