Alphalogic Techsys ने अपनी सब्सिडियरी, Alphalogic Industries Limited (AIL) को अब 'एसोसिएट कंपनी' घोषित कर दिया है। शेयरों के नए अलॉटमेंट के चलते पैरेंट कंपनी की हिस्सेदारी **51.18%** से घटकर **49.57%** रह गई है, जिसका असर अब कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर दिखेगा।
अकाउंटिंग में होगा बड़ा बदलाव
इस बदलाव की मुख्य वजह AIL द्वारा पब्लिक इन्वेस्टर्स को 3,30,000 नए शेयर जारी करना है। पहले AIL एक सब्सिडियरी थी, जिसके नतीजे पैरेंट कंपनी के साथ पूरी तरह कंसोलिडेट (Consolidate) किए जाते थे। अब 'एसोसिएट' बनने के बाद, इसे 'इक्विटी मेथड' के तहत अकाउंट किया जाएगा, जिससे भविष्य में कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू के आंकड़े काफी बदल जाएंगे।
क्यों है यह निवेशकों के लिए अहम?
वित्त वर्ष 2025-26 में Alphalogic Techsys के कुल रेवेन्यू में AIL का योगदान 89% यानी ₹45.08 करोड़ था। चूँकि अब यह फुली इंटीग्रेटेड नहीं होगी, इसलिए आने वाली तिमाहियों में कंसोलिडेटेड बैलेंस शीट और टॉप-लाइन के आंकड़ों में बड़ी गिरावट दिख सकती है।
आगे क्या?
Alphalogic Techsys अभी भी AIL में 52 लाख से अधिक शेयर होल्ड करती है और प्रमोटर बनी रहेगी। हालांकि ऑपरेशनल इन्फ्लुएंस बरकरार रहेगा, लेकिन मेजॉरिटी कंट्रोल खत्म होने से कंपनी की फाइनेंशियल प्रेजेंटेशन बदल जाएगी। निवेशकों को अब अगले रिजल्ट्स पर नजर रखनी चाहिए, जिससे पता चलेगा कि इस नए अकाउंटिंग स्ट्रक्चर का नेट वर्थ पर क्या असर पड़ता है।
