Allcargo Terminals Ltd ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए Allcargo Logistics Ltd के साथ हुए ट्रांजेक्शन्स को नियमित करने के लिए पोस्टल बैलट शुरू किया है। ट्रांजेक्शन वैल्यू **₹79.17 करोड़** तक पहुंच गई, जो SEBI की तय सीमा **₹73.30 करोड़** से अधिक है।
गवर्नेंस का मामला और रेगुलेटरी नियम
कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों के मुताबिक, यदि ट्रांजेक्शन कंपनी के टर्नओवर की एक तय सीमा (SEBI LODR नियम) को पार करते हैं, तो उन्हें शेयरधारकों की मंजूरी की आवश्यकता होती है। Allcargo Terminals के मामले में, यह सीमा ₹5.88 करोड़ से पार हो गई। प्रबंधन का कहना है कि यह 2023 में हुए कंटेनर फ्रेट स्टेशन (CFS) लाइसेंस के ट्रांसफर के कारण हुआ, जहाँ कुछ खर्चों की बिलिंग प्रक्रिया में ओवरलैप हुआ था।
ट्रांजेक्शन का विवरण
कंपनी के अनुसार, ये लेन-देन 'आर्म्स लेंथ' (Arm’s length) आधार पर किए गए थे, जिसका मतलब है कि इसमें कोई पक्षपात नहीं था। कुल ₹79.17 करोड़ के ट्रांजेक्शन में ₹50.34 करोड़ CFS खर्च और ₹23.78 करोड़ CFS आय शामिल है। इसके अलावा, कैपिटल गेन्स टैक्स, शेयर की गई सेवाओं और बिजनेस सपोर्ट से संबंधित लागतें भी इसमें जुड़ी हैं।
वोटिंग की प्रक्रिया
शेयरधारक 17 अक्टूबर, 2026 से 15 नवंबर, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग के जरिए इस प्रस्ताव पर अपनी राय दे सकते हैं। इस वोटिंग के नतीजे 17 नवंबर, 2026 को घोषित किए जाएंगे। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे वोटिंग के परिणामों पर नजर रखें और कंपनी के इंटरनल कंट्रोल की निगरानी करें ताकि भविष्य में ऐसी रेगुलेटरी उलझनें न पैदा हों।
