Alkali Metals Ltd के लिए 58वीं AGM किसी बड़े गवर्नेंस संकट से कम नहीं रही। जहां निवेशकों ने डिविडेंड को मंजूरी दी, वहीं मैनेजमेंट के प्रस्तावों को खारिज कर कंपनी में नेतृत्व का संकट खड़ा कर दिया है।
गवर्नेंस संकट और अनिश्चितता
Alkali Metals Ltd की 58वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कुछ ऐसा हुआ जिसकी उम्मीद शायद मैनेजमेंट को नहीं थी। 21 अगस्त, 2026 को हुई इस बैठक में कंपनी ने फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और ₹1 प्रति शेयर डिविडेंड को तो हरी झंडी दे दी, लेकिन मैनेजमेंट की राह में बड़े रोड़े भी अटक गए।
प्रस्ताव क्यों हुए फेल?
शेयरधारकों ने दो अहम स्पेशल रेजोल्यूशन (Special Resolutions) को पूरी तरह से ठुकरा दिया है। इसमें श्री Y.S.R. Venkata Rao की मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) के तौर पर दोबारा नियुक्ति और श्री Y.V. Prashanth की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में नियुक्ति शामिल थी। यह घटना दिखाती है कि बोर्ड के फैसलों और निवेशकों की सोच में बड़ा अंतर आ गया है।
अब क्या होगा?
कंपनी ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर श्री Sivarama Prasad Bhamidi की नियुक्ति को तो पास कर लिया है, लेकिन टॉप लीडरशिप में पैदा हुए इस खालीपन (Leadership Vacuum) ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बोर्ड को अब या तो आपातकालीन मीटिंग बुलानी होगी या फिर नए सिरे से मैनेजमेंट के प्रस्ताव पेश करने होंगे।
निवेशकों के लिए रिस्क
कंपनी के कामकाज की निरंतरता (Operational Continuity) पर अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जब तक बोर्ड इस 'गवर्नेंस गतिरोध' को सुलझा नहीं लेता, तब तक स्टॉक पर दबाव बना रह सकता है। अब सभी की नजरें BSE फाइलिंग्स पर टिकी हैं कि कंपनी आगे क्या कदम उठाती है।
