Affle 3i Limited के निवेशकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने कंपनी की निवेश वाली फर्म Talent Unlimited Online Services Private Limited (Bobble) के खिलाफ चल रही दिवालिया प्रक्रिया (CIRP) पर रोक लगा दी है।
कानूनी राहत से क्या बदला?
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रही इंसॉल्वेंसी कार्यवाही पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। इस डेवलपमेंट से उन आशंकाओं पर लगाम लगी है जो Affle 3i के इन्वेस्टमेंट की वैल्यू (Carrying Value) को लेकर बनी हुई थीं।
मामला क्या है?
8 अगस्त, 2026 को जारी Q1 FY2027 के नतीजों में, Affle 3i ने साफ तौर पर माना था कि Bobble से जुड़ा यह मामला उनके लिए एक बड़ा वित्तीय रिस्क (Material Contingency) है। कंपनी का निवेश सीधे तौर पर नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय ट्रिब्यूनल (NCLAT) में चल रहे कानूनी दांव-पेंच से जुड़ा था। अब सुप्रीम कोर्ट से मिली इस राहत से कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव कम हुआ है।
आगे की राह और रिस्क
कंपनी मैनेजमेंट शुरू से ही इस बात पर कायम है कि उनके निवेश वाली कंपनी के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया गलत तरीके से शुरू की गई थी। हालांकि, यह कानूनी जीत का सिर्फ एक पड़ाव है। निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि अंतिम फैसला आने तक रिस्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अगर सुप्रीम कोर्ट के फाइनल वर्डिक्ट (Final Verdict) में चीजें उलट जाती हैं, तो निवेश के मूल्यांकन पर दोबारा दबाव बढ़ सकता है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
फिलहाल, निवेशकों को BSE की फाइलिंग पर नजर रखनी चाहिए, ताकि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की अगली तारीख और अंतिम आदेश के बारे में ताजा अपडेट मिल सके।
