सितंबर 2026 तिमाही में Advent Hotels International ने बाजी पलटते हुए **₹1.53 करोड़** का नेट प्रॉफिट कमाया है। कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए **₹40 करोड़** की डील की है और कर्ज रिफाइनेंसिंग के लिए **₹565 करोड़** का फंड जुटाया है।
प्रॉफिट में वापसी और ऑपरेशनल स्थिति
सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने शानदार सुधार दिखाया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी को ₹1.21 करोड़ का नुकसान हुआ था, जिसे पीछे छोड़ते हुए इस बार कंपनी ₹1.53 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज करने में सफल रही है। हालांकि, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹77.02 करोड़ से घटकर ₹74.15 करोड़ रहा है।
विस्तार और कर्ज का गणित
कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी BD&P Hotels (India) में बाकी बची 25% हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹40 करोड़ की डील साइन की है, जिसका भुगतान जून 2027 तक किया जाएगा। वहीं, दूसरी सब्सिडियरी Goan Hotels & Realty ने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए Authum Investment & Infrastructure से ₹565 करोड़ की NCD सुविधा हासिल की है।
कानूनी चुनौतियां (Legal Hurdles)
कंपनी फिलहाल कई कानूनी विवादों में फंसी है। विभिन्न टैक्स और GST संबंधी ₹30.86 करोड़ की मांगों का मामला चल रहा है। इसके अलावा, Municipal Corporation of Greater Mumbai द्वारा मांगे गए ₹9.20 करोड़ के प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर मामला Bombay High Court में है। इन सभी देनदारियों को फिलहाल कंपनी ने 'कंटिंजेंट' (Contingent) के तौर पर रखा है।
ऑडिटर्स की नज़र
स्टैच्युटरी ऑडिटर्स ने हॉस्पिटैलिटी बिजनेस के डीमर्जर स्कीम की अकाउंटिंग को लेकर खास टिप्पणी की है, जिसे Ind AS 103 मानकों के तहत कंपनी के 2006 के इनकॉर्पोरेशन से प्रभावी माना गया है। निवेशकों के लिए अब इन कानूनी विवादों के कोर्ट फैसलों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
