Advance Lifestyles Ltd के लिए सितंबर तिमाही बेहद खराब रही है। कंपनी को **₹0.77 करोड़** का नेट लॉस हुआ है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी **₹0.13 करोड़** के मुनाफे में थी। कंपनी की कमाई लगभग शून्य हो गई है और ऑडिटर ने **₹7.59 करोड़** की देनदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
कंपनी की ओर से जारी नतीजों के मुताबिक, इस बार रेवेन्यू में भारी गिरावट देखने को मिली है। सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू गिरकर ₹0.00008 करोड़ रह गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में ₹0.88 करोड़ था।
ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर खुलासे (Qualified Opinion)
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर 'Piyush J. Shah & Co.' ने रिजल्ट्स पर 'Qualified Opinion' दिया है। ऑडिटर ने ₹758.99 लाख की ऐसी लायबिलिटीज पर चिंता जताई है, जो उन पार्टियों से जुड़ी हैं जो या तो 'Corporate Insolvency Resolution Process' (CIRP) से गुजर रही हैं या जिनका पता नहीं चल पा रहा है।
नियमों की अनदेखी का आरोप
ऑडिटर ने कंपनी पर 'Companies Act, 2013' के सेक्शन 186(7) के उल्लंघन का भी इशारा किया है। आरोप है कि कंपनी ने लोन और एडवांसेज पर ब्याज नहीं वसूला है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
- बैलेंस शीट का दबाव: जिन पार्टियों को कंपनी ₹7.6 करोड़ का भुगतान करने में फंसी है, उनके CIRP में जाने से कंपनी पर बड़ा राइट-ऑफ (Write-off) का खतरा मंडरा रहा है।
- रेगुलेटरी जांच: नियमों के पालन में ढिलाई के कारण कंपनी भविष्य में रेगुलेटरी अथॉरिटीज की रडार पर आ सकती है।
फिलहाल, निवेशकों को मैनेजमेंट की ओर से आने वाले स्पष्टीकरणों का इंतजार करना चाहिए क्योंकि रेवेन्यू का न होना और ऑडिट संबंधी आपत्तियां कंपनी के भविष्य के लिए बड़े खतरे की घंटी हैं।
