Aditya Forge: रेवेन्यू शून्य, 10 साल से सस्पेंडेड शेयर, निवेशकों की मुसीबतें जारी

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Aditya Forge: रेवेन्यू शून्य, 10 साल से सस्पेंडेड शेयर, निवेशकों की मुसीबतें जारी

Aditya Forge Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए अपना रिपोर्ट कार्ड जारी किया है, जिसमें रेवेन्यू 'निल' (शून्य) रहा है। कंपनी के कामकाज पूरी तरह ठप नजर आ रहे हैं और ऑडिटर्स ने गंभीर प्रशासनिक खामियों की ओर इशारा किया है।

कामकाज पर लगा ताला

Aditya Forge Ltd की लेटेस्ट फाइनेंशियल रिपोर्ट ने कंपनी की बदहाली की पोल खोल दी है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू शून्य रहा है, जबकि पिछले साल यह ₹326.06 लाख था। कंपनी का नेट प्रॉफिट भी गिरकर सिर्फ ₹13.05 लाख रह गया है, जो पिछले साल ₹699.34 लाख था। बैलेंस शीट में प्रॉपर्टी, प्लांट और इन्वेंट्री की वैल्यू जीरो दिखाई गई है, जो साफ संकेत है कि बिजनेस ऑपरेशन पूरी तरह बंद हैं।

10 साल से फंसा है निवेशकों का पैसा

कंपनी के शेयर 27 नवंबर 2015 से BSE पर सस्पेंडेड हैं, जिससे निवेशक करीब एक दशक से अपने शेयर बेच नहीं पा रहे हैं। हालांकि मैनेजमेंट को जुलाई 2026 में सस्पेंशन हटाने के लिए 'इन-प्रिंसिपल अप्रूवल' मिल चुका है, लेकिन ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई गवर्नेंस की कमियां इस प्रक्रिया को और लंबा खींच सकती हैं।

ऑडिटर्स की कड़ी टिप्पणी

M/s. M A A K & Associates ने ऑडिट के दौरान गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने बैलेंस कन्फर्मेशन न होने के कारण ट्रेड पेबल्स और लोन को वेरीफाई करने में असमर्थता जताई है। इसके अलावा, कंपनी ने इनकम टैक्स के नोटिसों के लिए भी कोई प्रोविजन नहीं किया है। वहीं, M/s. ALAP & Co. LLP की सेक्रेटेरियल ऑडिट में इंटरनल ऑडिटर की कमी और रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी जैसी बड़ी खामियां सामने आई हैं।

अब आगे क्या?

फिलहाल कंपनी अपना रजिस्टर्ड ऑफिस वडोदरा से अहमदाबाद शिफ्ट करने की तैयारी में है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे BSE पर सस्पेंशन हटने की औपचारिक घोषणा और ऑडिट क्वालिफिकेशन्स को सुलझाने की दिशा में कंपनी के कदमों पर पैनी नजर रखें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.