Abans Enterprises Ltd ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Abans Gems & Jewels Trading FZC को स्वैच्छिक रूप से बंद (Voluntary Liquidation) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मार्च 2026 तक यह इकाई कंपनी की कुल नेटवर्थ का लगभग **22.76%** हिस्सा थी।
कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव
Abans Enterprises के बोर्ड ने अपनी मटेरियल सब्सिडियरी Abans Gems & Jewels Trading FZC (AGJT) के वॉलंटरी लिक्विडेशन को मंजूरी दे दी है। इस प्रक्रिया को पूरा होने में लगभग एक साल का समय लगने का अनुमान है। हालांकि, यह फैसला अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और अन्य कानूनी औपचारिकताओं पर निर्भर है।
क्यों है यह महत्वपूर्ण?
यह सब्सिडियरी कंपनी की नेटवर्थ में 22.76% का बड़ा योगदान रखती है, जिसकी वैल्यू ₹49.25 करोड़ है। फाइनेंशियल ईयर 2026 के आंकड़ों के अनुसार, इस इकाई का टर्नओवर में योगदान महज 0.89% यानी ₹122.76 करोड़ था। कंपनी का तर्क है कि यह एक आर्म्स-लेंथ ट्रांजैक्शन है और लिक्विडेशन से मिलने वाली राशि अंततः पैरेंट कंपनी को वापस मिल जाएगी।
निवेशकों के लिए रिस्क और आगे की राह
निवेशकों को रेगुलेटरी टाइमलाइन पर नजर रखनी चाहिए। लिक्विडेशन में कानूनी प्रक्रियाएं जटिल होती हैं, जिनमें देरी होने पर एक साल का अनुमानित समय बढ़ सकता है। साथ ही, फाइनल कैश रिकवरी बुक वैल्यू से अलग हो सकती है, जो एसेट लिक्विडेशन के नतीजों पर निर्भर करेगा। अब निवेशकों को BSE पर आने वाली आधिकारिक फाइलिंग्स और शेयरहोल्डर वोट के नतीजों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।
