Aarti Pharmalabs के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। गुजरात स्टैंप अथॉरिटीज ने कंपनी को **₹59.50 करोड़** की स्टैंप ड्यूटी और जुर्माने का नोटिस भेजा है, जो उनके 2022 के डिमर्जर स्कीम से जुड़ा है।
डिमांड का पूरा गणित
गुजरात के ऑफिस ऑफ द सुपरिटेंडेंट ऑफ स्टैंप्स, गांधीनगर ने यह भारी डिमांड जारी की है। इस नोटिस में ₹25 करोड़ की स्टैंप ड्यूटी, ₹25 करोड़ का पेनाल्टी (Rule 9 के तहत) और ₹9.50 करोड़ की अन्य राशि शामिल है। यह मामला साल 2022 में हुए 'स्कीम ऑफ अरेंजमेंट' और Aarti Industries Ltd से फार्मा डिवीजन के अलग होने की प्रक्रिया से जुड़ा है।
कंपनी का क्या है रुख?
Aarti Pharmalabs ने इस आदेश को मानने से इनकार करते हुए इसे कानूनी रूप से चुनौती देने का फैसला किया है। मैनेजमेंट का कहना है कि उनके पास इस डिमांड को गलत साबित करने के लिए मजबूत कानूनी आधार हैं। कंपनी का दावा है कि वे अपनी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए सभी कानूनी रास्तों का उपयोग करेंगे।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks for Investors)
बाजार के जानकारों के मुताबिक, यदि कानूनी लड़ाई में फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो कंपनी के कैश रिजर्व पर ₹59.50 करोड़ का बड़ा असर पड़ सकता है। यह रकम कंपनी के प्रॉफिटेबिलिटी और कैश फ्लो पर दबाव डाल सकती है। फिलहाल, निवेशकों की नजरें BSE पर आने वाली आधिकारिक फाइलिंग्स और कानूनी कार्यवाही के अपडेट्स पर टिकी हैं।
