Aagam Capital Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए **₹15.39 लाख** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है, जो पिछले साल के **₹12.60 लाख** से ज्यादा है। कंपनी के शेयर अभी भी BSE पर सस्पेंडेड हैं, जिससे निवेशकों का पैसा फंस गया है।
बिगड़ते फाइनेंशियल हालात
हाल ही में संपन्न हुई 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी ने अपने निराशाजनक आंकड़े पेश किए हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान कंपनी का टोटल इनकम केवल ₹3.14 लाख रहा, जबकि खर्च बढ़कर ₹18.50 लाख पर पहुंच गया। इसका सीधा असर अर्निंग्स पर दिखा और कंपनी का EPS गिरकर (0.31) हो गया, जो पिछले साल (0.25) था।
क्यों बंद है ट्रेडिंग?
कंपनी के शेयर BSE पर सस्पेंडेड हैं, जिसकी मुख्य वजह सालाना लिस्टिंग फीस का भुगतान न होना बताया जा रहा है। मैनेजमेंट का तर्क है कि सस्पेंशन के बाद एक्सचेंज की तरफ से कोई भी इनवॉइस जारी नहीं किया गया था, इसलिए वे इस मामले को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन इस खींचतान में निवेशकों की लिक्विडिटी पूरी तरह फ्रीज हो गई है।
गवर्नेंस पर उठे सवाल
सिर्फ लिस्टिंग फीस ही नहीं, कंपनी गवर्नेंस के मोर्चे पर भी पिछड़ रही है। सेक्रेटेरियल ऑडिटर की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने अभी तक अनिवार्य ऑनलाइन सेल्फ-असेसमेंट प्रोफिशिएंसी टेस्ट पास नहीं किया है, जो 'Companies (Appointment and Qualification of Directors) Rules, 2014' के तहत जरूरी है।
निवेशकों के लिए जोखिम
लगातार हो रहे घाटे और एक्सचेंज के साथ चल रहे विवाद के कारण शेयर के डीलिस्ट (Delist) होने का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल निवेशकों को कंपनी के उन अपडेट्स पर नज़र रखनी चाहिए, जिनमें सस्पेंशन हटाने या एक्सचेंज के साथ विवाद सुलझने की जानकारी मिल सके।
