ACI Infocom के प्रमोटर्स संजय और रूपल मांडविया ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के जरिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा दी है। उन्होंने **3.2 करोड़** इक्विटी शेयर्स और **10 करोड़** कन्वर्टिबल वारंट्स **₹1.53** प्रति यूनिट की दर से खरीदे हैं। इस कदम से SEBI के टेकओवर नियमों के तहत 'ओपन ऑफर' ट्रिगर हो गया है, जिससे प्रमोटर्स की मौजूदा होल्डिंग बढ़कर **25.05%** हो गई है।
हिस्सेदारी में बड़ा बदलाव
कंपनी के प्रमोटर ग्रुप, संजय नटवरलाल मांडविया और रूपल संजय मांडविया ने 24 अक्टूबर, 2026 को यह बड़ा कदम उठाया है। इस प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट के तहत जारी किए गए शेयर्स और वारंट्स का प्राइस ₹1.53 तय किया गया, जिसमें ₹1 की फेस वैल्यू पर ₹0.53 का प्रीमियम शामिल है।
भविष्य की संभावनाएं और गणित
मौजूदा अलॉटमेंट के बाद प्रमोटर्स के पास अब 25.05% की हिस्सेदारी है। हालांकि, खेल यहीं खत्म नहीं होता। यदि प्रमोटर्स अगले 18 महीनों के भीतर (यानी 23 अप्रैल, 2028 तक) अपने सभी 10 करोड़ वारंट्स को कन्वर्ट करा लेते हैं, तो पूरी तरह से डाइल्यूटेड आधार पर उनका मालिकाना हक बढ़कर 38.82% तक पहुंच सकता है। यह कदम कंपनी के भविष्य को लेकर प्रमोटर्स का भरोसा दर्शाता है।
रेगुलेटरी अनुपालन (Regulatory Compliance)
इस अधिग्रहण के चलते, प्रमोटर्स ने SEBI (सबस्टेंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर) रेगुलेशन्स, 2011 के तहत अनिवार्य रूप से ओपन ऑफर शुरू किया है। अलॉटमेंट के समय प्रमोटर्स ने कुल कीमत का 25% भुगतान कर दिया है, जबकि शेष 75% राशि वारंट्स को कन्वर्ट करते समय चुकानी होगी।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
निवेशकों को अब आने वाले ओपन ऑफर की प्रक्रिया और वारंट्स के कन्वर्जन से जुड़ी फाइलिंग्स पर बारीक नजर रखनी चाहिए। अप्रैल 2028 तक का समय प्रमोटर्स के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने का एक स्ट्रक्चर्ड मौका है, जो काफी हद तक कंपनी की आगामी परफॉर्मेंस पर निर्भर करेगा।
