3i Infotech Ltd की 33वीं AGM में कंपनी को बड़ा झटका लगा है। शेयरहोल्डर्स ने कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स समेत 3 अहम प्रस्तावों को पास होने से रोक दिया है, जो मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स पर फंसी कंपनी
कंपनी की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग में कुल 5 में से 3 बड़े प्रस्ताव गिर गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को 51.22% शेयरहोल्डर्स ने वोटिंग के जरिए खारिज कर दिया है। कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नजरिए से यह एक बेहद दुर्लभ और गंभीर स्थिति है।
प्रस्तावों पर लगा अंकुश
नाराज शेयरहोल्डर्स ने केवल फाइनेंशियल रिपोर्ट्स ही नहीं, बल्कि कंपनी की भविष्य की योजनाओं पर भी अपना विरोध जताया है:
- ESOP 2023: कर्मचारियों के लिए बनाए गए स्टॉक ऑप्शन प्लान में बदलाव को शेयरहोल्डर्स ने मंजूरी नहीं दी।
- बोर्ड नियुक्ति: संजय वत्सा (Sanjay Vatsa) को डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी गिरा दिया गया।
गवर्नेंस पर बढ़ा रिस्क
हालांकि, शेयरहोल्डर्स ने अंबरीश दासगुप्ता (Ambarish Dasgupta) के रिटायरमेंट और उमेश मेहता (Umesh Mehta) को बोर्ड से हटाने के पक्ष में वोट किया, लेकिन कुल मिलाकर यह बोर्ड और शेयरहोल्डर्स के बीच मची बड़ी खींचतान को दिखाता है।
अब बाजार की नजरें BSE और मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। फाइनेंशियल अकाउंट्स पास न होने के कारण कंपनी पर रेगुलेटरी जांच का खतरा बढ़ गया है, जिससे भविष्य में लीडरशिप में अस्थिरता या कानूनी उलझनें पैदा हो सकती हैं।
