Zee Entertainment Enterprises Ltd. ने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कुल रेवेन्यू 2% घटकर ₹80,989 मिलियन पर आ गया है, जिसका मुख्य कारण एडवरटाइजिंग आय में कमी है। हालांकि, कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म ZEE5 ने 53% की जोरदार ग्रोथ दर्ज की है।
Zee Entertainment के FY26 नतीजों पर एक नज़र
Zee Entertainment Enterprises Ltd. ने अपनी इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू FY26 में ₹80,989 मिलियन रहा, जो पिछले साल (FY25) के ₹82,941 मिलियन से 2% कम है। इसी तरह, एडजस्टेड EBITDA में 37% की बड़ी गिरावट आई और यह ₹7,547 मिलियन पर पहुंच गया। EBITDA मार्जिन भी घटकर 9.3% रह गया, जो पिछले साल 14.4% था। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 60% गिरकर ₹2,713 मिलियन पर आ गया, जबकि पिछले साल यह ₹6,795 मिलियन था।
ZEE5 की दमदार ग्रोथ, पर कंपनी पर कानूनी बादल
इन सब गिरावटों के बीच, कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म ZEE5 के लिए अच्छी खबर है। ZEE5 ने एडजस्टेड EBITDA के स्तर पर ब्रेकईव (breakeven) हासिल कर लिया है और इसका रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹14,888 मिलियन हो गया है। यह कंपनी की डिजिटल स्ट्रेटेजी में एक बड़ी सफलता को दर्शाता है।
कंपनी की कहानी और आगे क्या?
Zee Entertainment एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कंपनी ZEE5 के लिए लैंग्वेज-लेड कंटेंट पर फोकस कर रही है और 'KidZ' व 'Bullet' जैसे नए प्लेटफॉर्म्स भी लॉन्च कर रही है। हालांकि, आर्थिक अनिश्चितताओं और ग्लोबल सिचुएशन के कारण एडवरटाइजिंग रेवेन्यू में कमी आई है। ZEE5 का ब्रेकईव एक अहम पड़ाव है, लेकिन कंपनी पर SEBI की मॉनेटरी पेनल्टी और डीबारमेंट ऑर्डर, जियोस्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ आर्बिट्रेशन (जिसमें ₹1.097 बिलियन का क्लेम है), और IDBI बैंक द्वारा फाइल की गई इंसॉल्वेंसी एप्लीकेशन जैसे कई कानूनी मामले मंडरा रहे हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों की नज़रें अब इन कानूनी मामलों के समाधान पर टिकी रहेंगी। ZEE5 की ग्रोथ की रफ्तार और कंपनी की एडवरटाइजिंग मार्केट की अस्थिरता के बीच प्रॉफिटैबिलिटी सुधारने की क्षमता पर भी नज़र रखी जाएगी। 17 सितंबर, 2026 को होने वाली 44वीं AGM और प्रति इक्विटी शेयर ₹2 के प्रस्तावित डिविडेंड पर भी ध्यान रहेगा।
