Vision Corporation Ltd के फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू **97.9%** गिरकर महज **₹0.26 करोड़** रह गया है, जिसके बाद ऑडिटर्स ने कंपनी के भविष्य पर अनिश्चितता जताई है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
बीते फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹12.16 करोड़ से घटकर सीधे ₹0.26 करोड़ पर आ गया है। हालांकि कंपनी का नेट लॉस ₹14.55 करोड़ से घटकर ₹0.67 करोड़ रहा है, लेकिन टॉप-लाइन में आई यह भारी गिरावट निवेशकों के लिए चिंता का बड़ा विषय है।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Going Concern Risk)
कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर M/s. Bhasin Hota & Co. ने 'Emphasis of Matter' जारी किया है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की टोटल नेगेटिव अदर इक्विटी ₹12.37 करोड़ पहुंच गई है, जिससे कंपनी के 'गोइंग कंसर्न' यानी भविष्य में कामकाज जारी रखने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गवर्नेंस और कंप्लायंस में चूक
आर्थिक संकट के अलावा कंपनी कई रेगुलेटरी खामियों में भी घिरी है। इनमें इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति से जुड़ा Form DIR-12 फाइल न करना और SEBI LODR नियमों के तहत फाइनेंशियल नतीजों को अखबारों में पब्लिश न करना शामिल है। मैनेजमेंट ने इन गलतियों को सुधारने का भरोसा दिया है।
ऑपरेशन्स पर अपडेट
वित्तीय दिक्कतों के बावजूद, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सेक्शन 188 के तहत कोई रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं हुआ है। इसके अलावा, फिल्म और कंटेंट राइट्स की बुक वैल्यू ₹7.19 करोड़ पर स्थिर बनी हुई है।
