Vision Cinemas Ltd के 33वें AGM में प्रमोटर्स के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। कंपनी के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन प्रस्ताव को पब्लिक शेयरधारकों ने भारी बहुमत से खारिज कर दिया है।
क्या हुआ AGM में?
Vision Cinemas Ltd की 33वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कंपनी ने कई प्रस्ताव रखे थे। हालांकि कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी मिल गई और अनीता वसंत की नियुक्ति व सीएस एस. सुरेश को सेक्रेटेरियल ऑडिटर नियुक्त करने पर मुहर लग गई, लेकिन 'रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन' (Related Party Transaction) का प्रस्ताव बुरी तरह गिर गया।
पब्लिक वोटिंग का बड़ा असर
SEBI के नियमों के अनुसार, रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन में प्रमोटर्स वोट नहीं कर सकते। कुल 2,70,25,674 वोटों में से 2,65,79,545 वोट प्रमोटर ग्रुप के होने के कारण हटा दिए गए। बचे हुए वैध वोटों में से केवल 0.45% ही प्रस्ताव के पक्ष में थे, जबकि 99.55% पब्लिक शेयरधारकों ने इसे सिरे से नकार दिया। यह सीधे तौर पर मैनेजमेंट और पब्लिक शेयरधारकों के बीच बढ़ती खाई को दर्शाता है।
अब आगे क्या?
कंपनी को अब S I Media LLP, Vasanth Color Laboratories Ltd और Pyramid Entertainment (India) Private Limited जैसी कंपनियों के साथ अपने कामकाज के मॉडल पर दोबारा विचार करना होगा।
निवेशकों के लिए जोखिम:
अगर कंपनी इन ट्रांजैक्शंस को नियमित नहीं कर पाती है, तो इसके ऑपरेशनल कामकाज पर असर पड़ सकता है। यदि कंपनी को इन काम के लिए थर्ड-पार्टी वेंडर्स ढूंढने पड़े, तो कंपनी की लागत बढ़ सकती है और बिजनेस एफिशिएंसी प्रभावित हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि कंपनी बोर्ड इस स्थिति से निपटने के लिए आगे क्या कदम उठाता है और BSE पर क्या जानकारी देता है।
