Thinkink Picturez ने FY26 में **₹1.36 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन कंपनी का रेवेन्यू **72.4%** गिरकर **₹2.48 करोड़** रह गया है। इस बीच, ऑडिटर ने गंभीर 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
मुनाफे पर ऑडिट का साया
Thinkink Picturez Ltd ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1.36 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल ₹0.09 करोड़ का घाटा था। हालांकि, कंपनी की ऑपरेशन्स से कमाई 72.4% घटकर मात्र ₹2.48 करोड़ रह गई है। इस परफॉर्मेंस से ज्यादा चर्चा कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स की रिपोर्ट की है, जिन्होंने 'Disclaimer of Opinion' जारी किया है। यह ऑडिट जगत की सबसे गंभीर रिपोर्ट मानी जाती है, जिसका मतलब है कि ऑडिटर्स को वित्तीय डेटा की सत्यता पर भरोसा नहीं है।
गंभीर गवर्नेंस रिस्क
ऑडिट रिपोर्ट में बैंक बैलेंस के वेरिफिकेशन, गायब लोन एग्रीमेंट्स और अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' फीचर की कमी जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। यह पूरी बैलेंस शीट की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।
कर्ज और फंड जुटाने की बड़ी योजना
मैनेजमेंट ने अब आक्रामक विस्तार की राह चुनी है। कंपनी $700 मिलियन (करीब ₹5,800 करोड़ से अधिक) FCCBs के जरिए जुटाना चाहती है। साथ ही, कंपनी ने अपनी उधार लेने की सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है।
आगे क्या होगा?
29 सितंबर, 2026 को होने वाली 18वीं AGM में इन प्रस्तावों पर शेयरहोल्डर्स वोट करेंगे। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि कंपनी अपने ऑडिट रिकॉर्ड्स को कैसे दुरुस्त करती है, क्योंकि मौजूदा रेवेन्यू बेस पर इतना बड़ा कर्ज लेना भविष्य में कंपनी के लिए जोखिम भरा साबित हो सकता है।
