Thinkink Picturez Ltd की 18वीं AGM में शेयरधारकों ने मैनेजमेंट को जोरदार झटका दिया है। कंपनी के फंड जुटाने और कर्ज बढ़ाने के बड़े प्रस्तावों को **78%** से ज्यादा वोट के साथ खारिज कर दिया गया है, जिससे कंपनी की भविष्य की रणनीति पर संकट के बादल छा गए हैं।
मैनेजमेंट के प्लान पर फिरा पानी
कंपनी की 18वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में जो हुआ, उसने मार्केट को चौंका दिया है। हालांकि रूटीन कामकाज को मंजूरी मिल गई, लेकिन मैनेजमेंट के विस्तार वाले चार बड़े प्रस्ताव धरे के धरे रह गए:
- 78.83% वोटर्स ने बोरिंग लिमिट बढ़ाने और कैपिटल इन्वेस्टमेंट के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
- 78.75% वोटर्स ने फॉरेन करेंसी कन्वर्टिबल बॉन्ड्स (FCCBs) जारी करने के खिलाफ वोट किया।
क्यों है यह बड़ी चिंता?
यह साफ है कि निवेशक कंपनी के कर्ज-आधारित (debt-driven) ग्रोथ मॉडल से खुश नहीं हैं। इन प्रस्तावों के खारिज होने का मतलब है कि फिलहाल मैनेजमेंट के पास पूंजी जुटाने का सबसे मुख्य रास्ता बंद हो गया है। अब कंपनी को अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को पूरी तरह से दोबारा तैयार करना होगा।
क्या मिला मैनेजमेंट को?
जहां वित्तीय फैसलों को झटका लगा, वहीं कंपनी के गवर्नेंस पर निवेशकों ने भरोसा जताया है। मैनेजिंग डायरेक्टर विजय जी. पुजारा (Vijay G. Pujara) को 82.40% वोटों के साथ फिर से नियुक्त किया गया है। साथ ही, भूषण कपूर (Bhushan Kapoor) और एकता पी. कुकड़िया (Ekta P. Kukadiya) को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में शामिल किया गया है।
आगे की राह
कंपनी के सामने अब 'स्ट्रैटेजिक डेडलॉक' की स्थिति है। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या मैनेजमेंट कोई नया और छोटा फंड प्लान लेकर आता है, या फिर बिना अतिरिक्त कर्ज के कंपनी अपने कामकाज को कैसे मैनेज करती है।
