Thinkink Picturez ने 29 सितंबर, 2026 को अपनी 18वीं AGM बुलाई है, जिसमें **$700 मिलियन** के FCCB फंडरेज और **₹10,000 करोड़** की कर्ज सीमा बढ़ाने पर मंजूरी ली जाएगी। हालांकि, कंपनी के फाइनेंशियल नतीजों पर ऑडिटर ने 'Disclaimer of Opinion' जारी कर दिया है, जिससे पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
भारी भरकम फंड जुटाने का प्रस्ताव
Thinkink Picturez Limited ने अपनी 18वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के लिए एजेंडा जारी कर दिया है। कंपनी का मुख्य फोकस $700 मिलियन तक की पूंजी Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) के जरिए जुटाने पर है। साथ ही, कंपनी अपनी उधारी सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 करोड़ करना चाहती है। इस मीटिंग में नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की नियुक्ति और मैनेजिंग डायरेक्टर की पुनः नियुक्ति पर भी चर्चा होगी।
ऑडिटर के 'रेड फ्लैग' ने बढ़ाई टेंशन
जहां एक ओर कंपनी विस्तार की बड़ी योजना बना रही है, वहीं दूसरी ओर उनके ऑडिटर्स M/s Chandabhoy & Jassoobhoy ने 'Disclaimer of Opinion' जारी कर दिया है। ऑडिटर्स का कहना है कि वे बैंक बैलेंस, इन्वेंट्री और GST रिसीवेबल्स जैसे महत्वपूर्ण डेटा की पुष्टि करने में असमर्थ रहे हैं। इससे कंपनी के स्टैंडअलोन फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स की विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का सच
FY 2025-26 में कंपनी ने ₹1.36 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹0.09 करोड़ के घाटे से बेहतर है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि कंपनी का रेवेन्यू ₹8.99 करोड़ से घटकर ₹2.48 करोड़ पर आ गया है, जो बिजनेस की गिरती रफ्तार को दर्शाता है।
निवेशकों के लिए जोखिम
ऑडिटर्स द्वारा एसेट्स और सेल्स डॉक्यूमेंटेशन की पुष्टि न कर पाना कंपनी के इंटरनल कंट्रोल में बड़ी खामियों की ओर इशारा करता है। इसके अलावा, हाल ही में कंपनी के CEO और एक डायरेक्टर के इस्तीफे से मैनेजमेंट लेवल पर भी अनिश्चितता बनी हुई है। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी AGM में वोटिंग के परिणामों और मैनेजमेंट द्वारा इन सवालों पर दिए जाने वाले जवाबों पर कड़ी नजर रखें।
