Siti Networks Ltd पर संकट गहराता जा रहा है। कंपनी अब भी कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के अधीन है, जहां कुल आउटस्टैंडिंग क्लेम **₹1,206.03 करोड़** तक पहुंच गए हैं। फिलहाल बोर्ड के सभी अधिकार सस्पेंडेड हैं और कामकाज रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) के हाथों में है।
कानूनी प्रक्रिया और बोर्ड की स्थिति
फिलहाल कंपनी का कंट्रोल अब प्रमोटर्स या डायरेक्टर्स के पास नहीं, बल्कि NCLT द्वारा नियुक्त रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (RP) Mr. Trupal J. Patel के पास है। इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) की धारा 17 के तहत बोर्ड की तमाम ऑपरेशनल और फाइनेंशियल पावर को सस्पेंड कर दिया गया है।
लोन डिफॉल्ट का संकट
कंपनी ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि 30 सितंबर, 2026 की डेडलाइन वाली टर्म लोन किस्तों का भुगतान 30 दिन की ग्रेस पीरियड खत्म होने के बाद भी नहीं हुआ है। यह डिफॉल्ट कंपनी की खराब वित्तीय हालत को बयां करता है।
अदालती लड़ाई (Legal Overhang)
कंपनी का भविष्य फिलहाल अदालतों के फैसलों पर टिका है। मामला NCLT, NCLAT और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगी एक अहम स्टे के कारण फाइनेंशियल क्रेडिटर्स को फंड ट्रांसफर करने और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को भुगतान करने पर रोक लगी हुई है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
स्टेकहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ा रिस्क अनिश्चितता है। कंपनी के आगे की राह सुप्रीम कोर्ट और NCLT के उन आदेशों पर निर्भर करेगी, जो रेजोल्यूशन प्लान और क्रेडिटर्स के दावों को लेकर आएंगे। निवेशकों को सलाह है कि वे कंपनी से जुड़ी कानूनी अपडेट्स पर पैनी नजर रखें।
