Signpost India ने FY27 की पहली छमाही (H1) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **11%** बढ़कर **₹34.5 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे मजबूत कैश फ्लो का बड़ा सहारा मिला है।
मुनाफे में इजाफा और फाइनेंशियल सेहत
कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट के मुताबिक, H1 FY27 में कुल रेवेन्यू ₹286.8 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 5.6% की ग्रोथ दिखाता है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो तीन गुना होकर ₹61.4 करोड़ पर पहुंच गया है। साथ ही, कंपनी ने अपने कर्ज को भी कम किया है, जिससे डेट-टू-इक्विटी रेशियो 0.61x (मार्च 2026 में 0.68x) पर आ गया है।
क्यों थमी Q2 की रफ्तार?
भले ही छमाही नतीजे अच्छे रहे, लेकिन दूसरी तिमाही (Q2) में रेवेन्यू सपाट रहा और ₹134.5 करोड़ पर ही अटक गया। मैनेजमेंट ने इसके पीछे दो प्रमुख कारण बताए हैं: पहला, इस साल नवरात्रि का त्योहार अक्टूबर में शिफ्ट हो गया, जिससे विज्ञापन खर्च में देरी हुई। दूसरा, कुछ बड़े कॉर्पोरेट क्लाइंट्स ने अपने बजट में कटौती की है।
डिजिटल और ट्रांजिट प्रोजेक्ट्स पर फोकस
कंपनी का डिजिटल रेवेन्यू 38% और डायरेक्ट-क्लाइंट रेवेन्यू 44% की दर से बढ़ा है। फिलहाल Signpost India अपने ट्रांजिट मीडिया प्रोजेक्ट्स को बड़े पैमाने पर विस्तार दे रही है। इसमें बेंगलुरु का 'Majestic Canvas', बेंगलुरु मेट्रो और मुंबई की बस फ्लीट मीडिया शामिल है। वहीं, कोलकाता का 'Streetscape' प्रोजेक्ट अब आधा चालू हो चुका है और मार्च 2027 तक इसके पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
रिस्क और आगे का नजरिया
Q2 में कंपनी का ग्रॉस मार्जिन 41.4% से घटकर 38.3% पर आ गया है। कंपनी का कहना है कि यह नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत में हुए शुरुआती खर्चों की वजह से हुआ है, जिसका फायदा आने वाली तिमाहियों में दिखेगा। साथ ही, हायरिंग और सैलरी बढ़ोतरी के चलते एम्प्लॉई खर्च भी ₹13.9 करोड़ (पिछली बार ₹11.2 करोड़) रहा। अब निवेशकों की नजरें Q3 और Q4 के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां मैनेजमेंट को बेहतर नतीजों की उम्मीद है।
