Sea TV Network ने Q2 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी को **₹70.51 लाख** का नेट लॉस हुआ है। कंपनी का रेवेन्यू भी गिरकर **₹116.96 लाख** पर आ गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऑडिटर्स ने कंपनी की अकाउंटिंग पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि कंपनी ने अनसिक्योर्ड लोन पर ब्याज का प्रोविजन नहीं किया है।
मुनाफे से नुकसान का सफर
पिछले साल की समान तिमाही में ₹41.30 लाख का मुनाफा कमाने वाली Sea TV Network इस बार घाटे में आ गई है। कंपनी का टोटल रेवेन्यू पिछले साल के ₹190.04 लाख के मुकाबले गिरकर इस तिमाही में सिर्फ ₹116.96 लाख रह गया है।
ऑडिटर्स ने क्यों बढ़ाई चिंता?
कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स, Doogar & Associates ने वित्तीय रिपोर्टिंग को लेकर 'रेड फ्लैग' दिखाया है। ऑडिटर्स का कहना है कि कंपनी ने इंड AS 109 (Ind AS 109) का पालन नहीं किया है। यदि कंपनी ने अनसिक्योर्ड लोन पर ब्याज का सही प्रोविजन किया होता, तो यह घाटा ₹68.13 लाख और बढ़ सकता था।
कॉर्पोरेट बदलाव और कानूनी मोर्चे पर हलचल
कंपनी ने इंटरनल ऑडिटर्स में बदलाव किया है। Ashutosh Agarwal & Co के इस्तीफे के बाद 5 नवंबर, 2026 से Singhal Manish & Associates को नियुक्त किया गया है। साथ ही, कानूनी और रेगुलेटरी मामलों, जिनमें TDSAT का केस भी शामिल है, के लिए Aman Khandelwal को अधिकृत किया गया है।
निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?
ऑडिटर्स द्वारा अकाउंटिंग स्टैंडर्ड्स पर सवाल उठाना कंपनी की गवर्नेंस और पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। रेवेन्यू में लगातार गिरावट और अकाउंटिंग में अनियमितता निवेशकों के लिए बड़े जोखिम के संकेत हैं। आने वाले समय में कंपनी इन सवालों का कैसे जवाब देती है, यह शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
