Sea TV Network ने Q1 FY27 के नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंसोलिडेटेड प्रॉफिट **₹0.22 करोड़** रहा, वहीं स्टैंडअलोन बेसिस पर कंपनी को **₹0.51 करोड़** का घाटा हुआ है। नतीजों पर कंपनी के ऑडिटर ने भी सवाल उठाए हैं, जिससे पारदर्शिता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
Detailed Coverage
कंपनी के नतीजों में क्या है खास?
Sea TV Network Ltd ने 30 जून, 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही (Q1 FY27) के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने बताया कि कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹1.88 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट ₹0.22 करोड़ दर्ज किया गया। लेकिन, स्टैंडअलोन आधार पर, कंपनी का रेवेन्यू ₹1.70 करोड़ था और ₹0.51 करोड़ का नेट लॉस हुआ।
ऑडिटर की बड़ी चेतावनी!
नतीजों की सबसे अहम बात यह है कि कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर ने स्टैंडअलोन नतीजों पर सवाल उठाए हैं। ऑडिटर ने पाया कि Sea TV Network ने ₹0.66 करोड़ के असुरक्षित लोन पर ब्याज का प्रोविजन (प्रावधान) नहीं किया है। इसे Ind AS 109 (फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स) के तहत फाइनेंशियल लायबिलिटीज के मापन के नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा
इसी के साथ, कंपनी सेक्रेटरी और कंप्लायंस ऑफिसर, सुश्री करिश्मा जैन ने 28 जुलाई, 2026 से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी ने इसके लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है और नए अधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
ऑडिटर द्वारा जताई गई चिंता निवेशकों के लिए एक बड़ा अलर्ट है। यह बताता है कि कंपनी की स्टैंडअलोन फाइनेंशियल पोजीशन और मुनाफे को सही तरीके से नहीं दर्शाया गया है। भले ही कंसोलिडेटेड नतीजे मुनाफे में दिख रहे हों, लेकिन अकाउंटिंग की यह गड़बड़ी कंपनी के गवर्नेंस और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करती है।
कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा, भले ही निजी कारणों से हो, मैनेजमेंट में बदलाव की ओर इशारा करता है। ऐसे समय में निवेशकों को कंपनी से स्थिरता और स्पष्टता की उम्मीद होगी।
आगे क्या हो?
अब निवेशकों को कंपनी से ऑडिटर की चिंताओं पर स्पष्टीकरण का इंतजार रहेगा। ब्याज के भुगतान और इसके स्टैंडअलोन नतीजों पर पड़ने वाले असर को समझना ज़रूरी होगा। साथ ही, नए कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति पर भी नजर रहेगी ताकि कंप्लायंस और गवर्नेंस सुनिश्चित हो सके।
