Sea TV Network Ltd की 22वीं AGM सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है, जिसमें सभी प्रस्ताव पास कर दिए गए हैं। हालांकि, कंपनी के ऑडिटर्स ने अनसिक्योर्ड लोन पर **₹233.14 लाख** के ब्याज को रिकॉग्नाइज न करने पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
AGM के मुख्य फैसले
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस मीटिंग में 35 सदस्यों की मौजूदगी रही। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा, डायरेक्टर Sonal Jain की फिर से नियुक्ति और कंपनीज एक्ट के सेक्शन 186 के तहत ऑथोराइजेशन जैसे अहम प्रस्तावों को भी पारित कर दिया गया है।
ऑडिटर की चेतावनी और लिक्विडिटी का संकट
मीटिंग के दौरान सबसे चिंताजनक पहलू स्टेट्यूटरी ऑडिटर्स की रिपोर्ट रही। उन्होंने खुलासा किया कि कंपनी ने ₹233.14 लाख के अनसिक्योर्ड लोन के ब्याज को अपनी बुक्स में नहीं दिखाया है। मैनेजमेंट ने खुलकर माना है कि मौजूदा फाइनेंशियल तंगी के कारण ये पेमेंट नहीं किए जा रहे हैं।
आगे की रणनीति
अब कंपनी अपने लेंडर्स के साथ मिलकर डेट रीस्ट्रक्चरिंग (Debt Restructuring) की संभावना तलाश रही है। इसका साफ मतलब है कि मैनेजमेंट फिलहाल ब्याज चुकाने के बजाय बैलेंस शीट को सुधारने को प्राथमिकता दे रहा है। निवेशकों के लिए यह एक बड़ा संकेत है कि कंपनी फिलहाल दबाव में है।
निवेशकों के लिए जोखिम
सबसे बड़ा रिस्क यह है कि कंपनी अपने कर्जदाताओं के साथ डील करने में कितनी सफल होती है। अगर ब्याज का भुगतान लगातार पेंडिंग रहता है, तो इसका असर क्रेडिट रेटिंग और भविष्य की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी की अगली एक्सचेंज फाइलिंग्स पर बारीक नजर रखनी चाहिए।
