Sea TV Network ने अपने केबल बिजनेस को पूरी तरह से बंद करने का ऐलान किया है। साथ ही, कंपनी बोर्ड ने **₹100 करोड़** तक के लोन और निवेश के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Sea TV Network ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाते हुए अपने मुख्य केबल बिजनेस को बंद करने का फैसला लिया है। कंपनी के बोर्ड ने 'कंपनीज एक्ट' की धारा 186 के तहत ₹100 करोड़ तक के निवेश, लोन और गारंटी देने की अनुमति भी दे दी है, जो कंपनी के भविष्य के कारोबार की दिशा बदलने का संकेत है।
गवर्नेंस और ऑडिटर्स की चिंताएं
वित्त वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट में कुछ गंभीर सवाल भी उठाए गए हैं। ऑडिटर्स ने मुख्य रूप से दो बातों पर ध्यान खींचा है:
- अनसिक्योर्ड लोन पर ब्याज का भुगतान न होना।
- कानूनी अनुपालन (Statutory compliance) में देरी, जिसके कारण पेनल्टी भी लगी है।
मैनेजमेंट ने इन चिंताओं को स्वीकार किया है और कहा है कि कंपनी इन मामलों को सुलझाने की दिशा में काम कर रही है।
AGM और शेयरधारकों के लिए जरूरी जानकारी
कंपनी की एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 28 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। शेयरहोल्डर्स के लिए 21 सितंबर से 28 सितंबर, 2026 तक बुक्स बंद रहेंगी। ई-वोटिंग के लिए 21 सितंबर, 2026 की तारीख कट-ऑफ के तौर पर तय की गई है।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर हैं कि कंपनी इस नए ₹100 करोड़ के फंड का इस्तेमाल किस बिजनेस में करेगी और क्या पुरानी देनदारियों का मुद्दा समय रहते सुलझ पाएगा।
