Saregama India ने शानदार दूसरी तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट **23.7%** बढ़कर **₹64.17 करोड़** हो गया है, साथ ही ऑपरेशन को स्ट्रीमलाइन करने के लिए दो छोटी सब्सिडियरी को बंद करने का ऐलान किया है।
मुनाफे की रफ्तार
Saregama India ने सितंबर 2026 में खत्म हुई तिमाही के लिए अपने अन-ऑडिटेड रिजल्ट्स जारी कर दिए हैं। कंपनी की कुल कमाई यानी रेवेन्यू में 19.2% का इजाफा दर्ज किया गया है और यह ₹314.3 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹263.6 करोड़ था। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹51.88 करोड़ से बढ़कर ₹64.17 करोड़ हो गया है।
सब्सिडियरी पर बड़ा फैसला
मजबूत फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के साथ-साथ कंपनी ने अपनी कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने दो पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी, Saregama FZE (दुबई) और Kolkata Metro Networks Limited (KMNL) को वॉलंटरी लिक्विडेट (बंद) करने की मंजूरी दे दी है।
क्यों बंद की जा रही हैं इकाइयां?
कंपनी के अनुसार, ये दोनों इकाइयां कारोबार में बहुत मामूली योगदान दे रही थीं। FY26 में Saregama FZE का योगदान कुल रेवेन्यू में महज 0.66% था, जबकि KMNL का योगदान स्टैंडअलोन रेवेन्यू में सिर्फ 0.36% था। इनका संचालन बंद करने से कंपनी के एडमिनिस्ट्रेटिव खर्चों में कमी आएगी और मैनेजमेंट अपने मुख्य बिजनेस पर अधिक ध्यान दे पाएगा।
आगे की राह
Saregama FZE की लिक्विडेशन प्रक्रिया 31 मार्च, 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। वहीं, Kolkata Metro Networks के मामले में 20 नवंबर, 2026 को शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। निवेशकों को अब अगली तिमाहियों में इन फैसलों से होने वाली लागत बचत (Cost Saving) पर नजर रखनी चाहिए।
