Revati Media: कंपनी की कमाई जीरो, सालों पुराने कर्ज और एसेट विवादों ने बढ़ाई टेंशन

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Revati Media: कंपनी की कमाई जीरो, सालों पुराने कर्ज और एसेट विवादों ने बढ़ाई टेंशन

Revati Media Ltd के लिए सितंबर तिमाही के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी ने इस तिमाही में शून्य ऑपरेशनल रेवेन्यू दर्ज किया है और साथ ही **₹8.86 लाख** का नेट लॉस भी हुआ है।

खस्ताहाल नतीजे और गहराता संकट

सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का कामकाज पूरी तरह ठप नजर आया। कंपनी ने ₹0 का रेवेन्यू रिपोर्ट किया है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को ₹7.19 लाख का नुकसान हुआ था, जो अब बढ़कर ₹8.86 लाख पर पहुंच गया है। चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही में कंपनी का कुल नेट लॉस ₹15.91 लाख हो चुका है।

ऑडिटर्स ने उठाई कड़ी आपत्ति

कंपनी के स्टैच्यूटरी ऑडिटर, B. L. Dasharda & Associates ने अपनी रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की मुख्य संपत्तियां—जैसे जमीन, बिल्डिंग और मशीनरी—1998 में ही MSFC (Maharashtra State Financial Corporation) द्वारा जब्त की जा चुकी हैं।

इसके बावजूद ये संपत्तियां कंपनी की बुक्स में अभी भी ₹52.36 लाख की वैल्यू पर दिखाई जा रही हैं। साथ ही, कंपनी पर MSFC का ₹103.76 लाख और SICOM Ltd का ₹16.24 लाख का कर्ज बकाया है। ऑडिटर का कहना है कि डेटा की कमी के कारण कुल देनदारियों का सही अनुमान लगाना मुश्किल है, जिससे कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति गलत तरीके से पेश होने का खतरा है।

आगे क्या?

निवेशकों के लिए अभी स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। कंपनी के पास कोई ऑपरेशनल इनकम नहीं है और 1998 से चले आ रहे कर्ज व एसेट विवाद का कोई हल अभी तक नहीं निकल पाया है। इन विवादों और वैल्युएशन में अंतर के कारण कंपनी के शेयरहोल्डर्स के लिए यह एक बड़ा 'रेड फ्लैग' है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.