Radaan Mediaworks India Ltd के FY 2025-26 के नतीजे बेहद निराशाजनक रहे हैं। कंपनी को **₹4.82 करोड़** का बड़ा नेट लॉस हुआ है और ऑडिटर्स ने कंपनी की 'गोइंग कंसर्न' स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फाइनेंशियल नतीजों का हाल
कंपनी के प्रदर्शन में आई गिरावट काफी चिंताजनक है। पिछ्ले फाइनेंशियल ईयर में ₹0.34 करोड़ का मुनाफा कमाने वाली Radaan Mediaworks इस बार ₹4.82 करोड़ के घाटे में पहुंच गई है। कंपनी का रेवेन्यू भी साल-दर-साल 76% से ज्यादा गिरकर ₹5.35 करोड़ रह गया है, जो पहले ₹22.87 करोड़ था।
क्यों चिंता में हैं ऑडिटर्स?
ऑडिटर फर्म SRSV & Associates ने नतीजों पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी की नेटवर्थ पूरी तरह खत्म हो चुकी है और देनदारियां एसेट्स से कहीं ज्यादा हैं। कंपनी पर ₹3.56 करोड़ के वैधानिक बकाया (Statutory Dues) भी हैं, जिसे लेकर ऑडिटर्स ने कंपनी के भविष्य पर 'गोइंग कंसर्न' रिस्क बताया है।
बोर्ड में बड़े बदलाव
बीते साल के दौरान कंपनी के मैनेजमेंट में काफी उठापटक देखी गई है। राधुल सरथ और एम. उमा को नए डायरेक्टर के रूप में शामिल किया गया है, जबकि कृष्णचंदर और राधिका रयाने ने इस्तीफा दे दिया है। साथ ही, आर. सरथकुमार का रोल होल-टाइम डायरेक्टर से बदलकर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कर दिया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम
निवेशकों को कंपनी की सब्सिडियरी Radaan Media Ventures Pte Ltd के वैल्यूएशन को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि ऑडिटर्स ने इसके इम्पेयरमेंट टेस्टिंग की कमी पर सवाल उठाए हैं। कंपनी की लिक्विडिटी स्ट्रेस और बकाया देनदारियां निवेशकों के लिए आने वाले समय में बड़ी चुनौती हो सकती हैं।
मैनेजमेंट ने अब डिजिटल स्ट्रीम पर फोकस करने और कारोबार को पटरी पर लाने का दावा किया है। शेयरधारकों की नजरें अब AGM की मीटिंग और बकाया भुगतान पर टिकी हैं।
