Prime Focus Limited की 29वीं AGM में शेयरधारकों ने कंपनी को **₹3,000 करोड़** तक की फंड जुटाने की अनुमति दे दी है। इस फंड को इक्विटी या डेट के जरिए जुटाया जाएगा।
फंड जुटाने की बड़ी योजना
कंपनी ने अपनी 29वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में कुल 17 एजेंडा आइटम्स को मंजूरी दी है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला बोर्ड को ₹3,000 करोड़ तक पूंजी जुटाने का अधिकार देना है। कंपनी अपनी सुविधा के अनुसार इक्विटी शेयर्स, डेट सिक्योरिटीज या शेयर वारंट्स के जरिए यह राशि जुटा सकती है, जिससे बाजार की स्थितियों के हिसाब से कंपनी को अपना कैपिटल स्ट्रक्चर बेहतर करने में मदद मिलेगी।
लीडरशिप में बदलाव
कंपनी ने मैनेजमेंट को मजबूत करते हुए नमित नरेश मल्होत्रा (Namit Naresh Malhotra) को होल-टाइम डायरेक्टर के पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह कदम कंपनी के भविष्य के ऑपरेशंस और विजन के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
गवर्नेंस और कंप्लायंस पर जोर
Prime Focus ने ऑडिट से जुड़ी चिंताओं को भी सुलझा लिया है। सब्सिडियरी कंपनी DNEG S.a.r.l. में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की नियुक्ति को नियमित किया गया है। इसके अलावा, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के साथ पहले हुई एक ट्रेडिंग से जुड़ी एडवाइजरी को भी कंपनी ने जरूरी खुलासों के साथ हल कर लिया है।
इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग
शेयरधारकों ने Brahma AI Services India Limited और DNEG S.a.r.l. के बीच इक्विटी होल्डिंग्स के ट्रांसफर को भी मंजूरी दे दी है। यह कदम कंपनी की सब्सिडियरी ऑपरेशंस को सरल बनाने और उन्हें अधिक कारगर बनाने के लिए उठाया गया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल किस तरह और कब करती है।
