Prabhat Entertainment (पहले Prabhat Technologies) ने अपना दिवालियापन समाधान (CIRP) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। कंपनी अब टेलीकॉम सेक्टर से हटकर म्यूजिक और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में कदम रख रही है, लेकिन शेयरों की ट्रेडिंग अभी भी सस्पेंडेड है।
मीडिया की दुनिया में नई शुरुआत
NCLT के 16 अक्टूबर, 2025 के आदेश के बाद, Prabhat Entertainment लिमिटेड अब पूरी तरह से एक नए अवतार में नजर आ रही है। कंपनी का फोकस अब टेलीकॉम से हटकर म्यूजिक प्रोडक्शन, पब्लिशिंग और कंटेंट कमर्शियलाइजेशन पर शिफ्ट हो गया है।
वित्तीय स्थिति और चुनौतियां
कंपनी के हालिया फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के आंकड़े काफी मिले-जुले रहे हैं। जहां कंपनी की कंसोलिडेटेड इनकम बढ़कर ₹5.11 करोड़ रही, वहीं नेट लॉस बढ़कर ₹13.75 करोड़ हो गया, जो पिछले साल महज ₹0.60 करोड़ था।
ऑडिटर्स की चेतावनी (Auditor’s Caution)
कंपनी के ऑडिटर्स 'Harish Arora & Associates' ने वित्तीय बयानों पर 'Qualified Opinion' जाहिर किया है। उनका मानना है कि एसेट इम्पेयरमेंट और डेट वैल्युएशन के लिए इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल प्रभावी नहीं थे, जो बैलेंस शीट की सटीकता पर गंभीर सवाल खड़ा करते हैं।
निवेशकों के लिए क्या है स्थिति?
इन्वेस्टर्स को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी के शेयरों की ट्रेडिंग 20 जनवरी, 2024 से एक्सचेंज पर सस्पेंडेड है, जिससे एग्जिट का रास्ता फिलहाल बंद है। कंपनी अभी SEBI के LODR नियमों के पालन और बोर्ड के पुनर्गठन की प्रक्रिया में है।
