Perfect-Octave Media Projects ने FY26 में **₹92.21 लाख** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल के **₹1.10 लाख** से काफी अधिक है। हालांकि, यह मुनाफा बिजनेस की कमाई से नहीं, बल्कि **₹226.76 लाख** के वन-टाइम राइट-बैक से आया है।
मुनाफे की सच्चाई क्या है?
कंपनी ने कागजों पर तो ₹92.21 लाख का मुनाफा दिखाया है, लेकिन असलियत इससे काफी अलग है। कंपनी का कोर ऑपरेशनल रेवेन्यू पिछले साल के ₹76.80 लाख से गिरकर इस बार सिर्फ ₹26.28 लाख रह गया है, यानी इसमें 65% की बड़ी गिरावट आई है। यह प्रॉफिट असल में कंपनी को एक वन-टाइम एंट्री यानी ₹226.76 लाख के राइट-बैक से हुआ है, न कि बिजनेस की बिक्री से।
ऑपरेशंस में संघर्ष
कंपनी का क्लासिकल म्यूजिक चैनल 'Insync' टाटा स्काई (Tata Sky) और जियो टीवी (Jio TV) जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होने के बावजूद कमाई करने में नाकाम रहा है। मैनेजमेंट का कहना है कि लिक्विडिटी की भारी कमी के कारण उनके बिजनेस पर बुरा असर पड़ा है।
रेगुलेटरी संकट और जुर्माना
कंपनी के लिए परेशानियां सिर्फ बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। कंप्लायंस में लापरवाही के चलते BSE ने कंपनी पर ₹18.10 लाख का जुर्माना लगाया है। इसमें फाइनेंशियल रिजल्ट्स को अखबारों में पब्लिश न करना और शेयरहोल्डिंग पैटर्न जमा करने में देरी जैसे मामले शामिल हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि फंड की कमी और रजिस्ट्रार की ओर से डेटा मिलने में देरी के चलते वे ये नियम पूरे नहीं कर सके।
निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी अपने नए म्यूजिक प्रोडक्शन और कॉन्सर्ट मैनेजमेंट बिजनेस मॉडल से रेवेन्यू बढ़ा पाती है और क्या वे रेगुलेटरी जुर्माना भर पाएंगे।
