ऑपरेशन्स को सुव्यवस्थित करने की तैयारी
कंपनी इस कदम से अपने पब्लिशिंग ऑपरेशन्स को एक ही छत के नीचे लाने की योजना बना रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य मैनेजमेंट एफिशिएंसी (Management Efficiency) को बढ़ाना और बिजनेस स्ट्रक्चर को बेहतर बनाना है। यह स्ट्रेटेजिक मूव कंपनी को अपने मुख्य पब्लिशिंग सेगमेंट पर और अधिक फोकस करने में मदद करेगा।
NCLT के आदेश पर हो रही है प्रक्रिया
यह पूरी प्रक्रिया नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के 24 अप्रैल, 2026 के ऑर्डर के आधार पर आगे बढ़ रही है। इस प्रस्तावित स्कीम के तहत, Indiannica Learning Private Limited के पब्लिशिंग बिजनेस को Navneet Education में डीमर्ज किया जाएगा, साथ ही Indiannica की कैपिटल को भी रिड्यूस किया जाएगा।
फाइनेंशियल स्थिति और क्रेडिटर्स
फाइनेंशियल डिटेल्स के अनुसार, 31 मार्च, 2025 तक, डीमर्ज होने वाली इकाई (demerged entity) के रिजर्व्स (Reserves) में ₹1,26,77,45,948 का डेबिट बैलेंस था। वहीं, 31 अक्टूबर, 2025 तक, डीमर्ज्ड इकाई के पास ₹7.96 करोड़ के अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स (Unsecured Creditors) थे, जबकि Navneet Education के पास ₹27.37 करोड़ के अनसिक्योर्ड क्रेडिटर्स थे।
वोटिंग प्रक्रिया और अप्रूवल का रास्ता
शेयरहोल्डर्स 11 जून से 14 जून, 2026 तक रिमोट ई-वोटिंग (remote e-voting) के जरिए अपना मत दे सकते हैं। वोटिंग के लिए कट-ऑफ डेट 8 जून, 2026 तय की गई है। इस कम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट (Composite Scheme of Arrangement) की सफलता के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से फाइनल अप्रूवल दोनों ही बेहद जरूरी हैं।
कॉम्पिटिटिव लैंडस्केप और निवेशकों के लिए क्या है खास
Navneet Education भारत के कॉम्पिटिटिव पब्लिशिंग और स्टेशनरी मार्केट में काम करती है, जहाँ इसके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों में S. Chand and Company Ltd. और Repro India Limited जैसी कंपनियां शामिल हैं। निवेशक 15 जून को होने वाली शेयरहोल्डर मीटिंग के नतीजों और NCLT से मिलने वाले फाइनल अप्रूवल पर बारीकी से नजर रखेंगे।
