GTPL Hathway ने सितंबर तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹11,430.55 मिलियन** पहुंच गया है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी को **₹35.48 मिलियन** का नेट लॉस हुआ है।
क्या रहे कंपनी के नतीजे?
30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान GTPL Hathway का परफॉरमेंस मिला-जुला रहा है। जहां एक तरफ रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है, वहीं बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों के कारण कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई है।
सब्सिडियरी पर बड़ा दांव
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी DL GTPL Cabnet को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है। GTPL Hathway इस कंपनी में बाकी बचे 74% स्टेक को ₹8.325 करोड़ में खरीदेगी। इस डील के जरिए 31 अक्टूबर, 2026 तक इसे पूरी तरह से अपनी ओनरशिप में लेने की योजना है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to Watch)
फिलहाल निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चुनौती 'डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस' (DoT) के साथ चल रही कानूनी लड़ाई है। कंपनी पर ₹9,754.15 मिलियन की स्टैंडअलोन कंटिंजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) है। इसके अलावा, GTPL Broadband की ओर से भी ₹3,841.91 मिलियन के अलग से क्लेम पेंडिंग हैं। कंपनी का कहना है कि उनके पास कानूनी तौर पर मजबूत आधार है, लेकिन कोर्ट का कोई भी फैसला कंपनी की बैलेंस शीट को प्रभावित कर सकता है।
