डिजिटल सेगमेंट में तूफानी बढ़त
एंटरटेनमेंट नेटवर्क (इंडिया) लिमिटेड के लिए Q4 FY26 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे। कंपनी का कुल रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 3.9% बढ़कर ₹565 करोड़ रहा। वहीं, डोमेस्टिक रेवेन्यू में 4% की बढ़ोतरी देखी गई और यह ₹548 करोड़ तक पहुंच गया।
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी के डिजिटल बिज़नेस का बड़ा हाथ है। डिजिटल सेगमेंट के रेवेन्यू में 84% की ज़बरदस्त उछाल आई और यह ₹112.4 करोड़ पर पहुंच गया। इस डिजिटल ग्रोथ ने पारंपरिक रेडियो बिज़नेस में आई सुस्ती को काफी हद तक संभाला है। रेडियो बिज़नेस को मांग में कमी और मैक्रोइकॉनोमिक अनिश्चितताओं के साथ-साथ भू-राजनीतिक तनाव का सामना करना पड़ा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय ऑपरेशंस पर भी असर पड़ा।
Gaana का 'ब्रेकइवन' पर फोकस
कंपनी का डिजिटल म्यूजिक प्लेटफॉर्म Gaana ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। FY25 में ₹61 करोड़ का रेवेन्यू देने वाला Gaana, FY26 में ₹112 करोड़ तक पहुंच गया। कंपनी अब सब्सक्रिप्शन मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रही है और 2027 तक 'ब्रेकइवन' यानी घाटा-नफा बराबर करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही, कंपनी अपने डिजिटल ऑपरेशंस में कॉस्ट कटिंग और एफिशिएंसी बढ़ाने पर भी जोर दे रही है।
मजबूत कैश पोजीशन और डिविडेंड
31 मार्च 2026 तक, एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया के पास ₹424 करोड़ का मजबूत कैश बैलेंस था। कंपनी के बोर्ड ने FY26 के लिए प्रति शेयर ₹2 का डिविडेंड (Dividend) देने की भी सिफारिश की है, जो शेयरहोल्डर्स के लिए अच्छी खबर है।
आगे की राह और जोखिम
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। मैक्रोइकॉनोमिक और भू-राजनीतिक अस्थिरता, खासकर मध्य पूर्व को प्रभावित करने वाले मुद्दे, नॉन-FCT और अंतर्राष्ट्रीय रेडियो सेगमेंट के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा, कंपनी FY 2023-24 के लिए ₹111 करोड़ के इनकम टैक्स नोटिस को भी चुनौती दे रही है। निवेशकों की नजरें Gaana की प्रॉफिटेबिलिटी की ओर प्रगति और कंपनी की इन चुनौतियों से निपटने की क्षमता पर रहेंगी।
