Diligent Media Corporation के FY26 के नतीजों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी का रेवेन्यू **51%** गिरकर **₹6.51 करोड़** रह गया है, जबकि कंपनी को **₹8.88 करोड़** का घाटा हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट पेश की है, जिसमें बड़ा टर्नडाउन देखने को मिला है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में जहाँ कंपनी ने ₹13.62 करोड़ का प्रॉफिट कमाया था, वहीं इस साल यह ₹8.88 करोड़ के नुकसान में आ गई है। कंपनी की नेटवर्थ भी ₹252.60 करोड़ के निगेटिव स्तर पर बनी हुई है।
ऑडिटर्स की कड़ी चेतावनी
ऑडिटर M/s MGB & Co. LLP ने कंपनी की एकाउंटिंग पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ₹173.40 करोड़ के इंटर-कॉर्पोरेट डिपॉजिट्स (ICDs) पर 'क्वालिफाइड ओपिनियन' दिया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि ऑडिटर्स ने 'गोइंग कंसर्न' (Going Concern) को लेकर अनिश्चितता जताई है, यानी कंपनी का लंबे समय तक बने रहना मुश्किल लग रहा है।
SEBI का शिकंजा और अन्य जोखिम
Diligent Media को लेकर रेगुलेटरी चुनौतियां भी कम नहीं हैं। कंपनी Zee Entertainment Enterprises से जुड़े SEBI के एक मामले में भी जांच के दायरे में है। हालाँकि कंपनी ने सेटलमेंट के लिए आवेदन दिया है, लेकिन कानूनी स्थिति अभी भी धुंधली है।
आगे क्या होगा?
निवेशकों की नजरें अब 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 21वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर हैं। इस बैठक में Mukesh Jindal की दोबारा नियुक्ति पर चर्चा होगी। साथ ही, कंपनी की ओर से पेश की गई 'स्कीम ऑफ रिडक्शन' और SEBI सेटलमेंट की दिशा में होने वाली प्रगति ही शेयर की चाल तय करेगी।
