City Pulse Multiventures ने FY26 के नतीजों में दमदार ग्रोथ दिखाई है, लेकिन कंपनी का **₹153 करोड़** का प्रेफरेंशियल शेयर इश्यू BSE की आपत्तियों के कारण फिलहाल अधर में लटका हुआ है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर ग्रोथ के लिहाज से अच्छा रहा है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर ₹5.02 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल ₹2.81 करोड़ था। वहीं, नेट प्रॉफिट भी बढ़कर ₹2.28 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा ₹1.34 करोड़ था।
क्यों फंसा है फंडरेजिंग प्लान?
कंपनी ₹358 प्रति शेयर के भाव पर 42,75,900 शेयर जारी कर ₹153.08 करोड़ जुटाने की तैयारी में थी। हालांकि जनवरी 2026 में BSE से इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिलने के बावजूद, अलॉटमेंट की प्रक्रिया रुकी हुई है। एक्सचेंज ने एक अलॉटी (allottee) की पात्रता को लेकर सवाल उठाए हैं, जिससे कंपनी की कैपिटल योजना पर ब्रेक लग गया है।
गवर्नेंस और टैक्स की चुनौतियां
महज फंड की रुकावट ही नहीं, कंपनी की राह में कुछ और भी रोड़े हैं। ऑडिटर्स ने कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग में देरी और जुर्माने के अलावा, 2012 से चले आ रहे अनियमित TDS डिपॉजिट और इनकम टैक्स डिमांड्स की ओर इशारा किया है।
आगे की रणनीति
मैनेजमेंट अपना पूरा जोर 'WOWPLEX' OTT प्लेटफॉर्म और IP डेवलपमेंट पर लगा रहा है। इसके अलावा अहमदाबाद के खोखरा में 3 नए स्क्रीन्स खोलने और मतर खेड़ा में सोलर पार्क प्रोजेक्ट के जरिए एनर्जी सेक्टर में कदम रखने की योजना है। निवेशकों को कंपनी के इंटरनल गवर्नेंस और फंडरेजिंग स्टेटस पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
