Aurus Gem Corporation Ltd (पुरानी Lypsa Gems) ने वित्त वर्ष **2026** में शानदार वापसी की है। पिछले साल के **₹15.17 करोड़** के भारी नुकसान के मुकाबले कंपनी अब **₹1.73 करोड़** के मुनाफे में आ गई है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
कंपनी ने अपने पुराने मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस से पूरी तरह किनारा कर लिया है। गुजरात के छपी (Chhapi) स्थित फैक्ट्री और मशीनरी को बेचने के बाद, Aurus Gem अब सिर्फ पॉलिश किए हुए हीरे और डायमंड ज्वेलरी की ट्रेडिंग पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
मुनाफे के पीछे का गणित
हालांकि कंपनी की कुल आय मामूली घटकर ₹15.95 करोड़ रही, लेकिन खर्चों में बड़ी कटौती ने पासा पलट दिया। कंपनी का कुल खर्च जो पिछले साल ₹31.88 करोड़ था, वह घटकर इस साल ₹14.24 करोड़ पर आ गया है। इस बदलाव से कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) भी सुधार के साथ 0.59 रुपये (पिछले साल -5.15 रुपये) हो गया है।
रेगुलेटरी और अनुपालन (Compliance) पर नजर
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी पर कुछ पुराने मामले भी लंबित हैं। SEBI ने 16 अप्रैल 2026 को कंपनी (पूर्व नाम Lypsa Gems) पर ₹12 लाख की पेनल्टी लगाई थी। इसके अलावा, कंपनी के पास 2009-10 से 2014-15 के बीच का अनक्लेम्ड डिविडेंड भी है, जिसे 'इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड' (IEPF) में ट्रांसफर करने की प्रक्रिया चल रही है।
मुनाफे में आने के बावजूद बोर्ड ने इस साल किसी भी डिविडेंड का ऐलान नहीं किया है, जिससे साफ है कि कंपनी अभी अपने कैश और वर्किंग कैपिटल अनुशासन को लेकर सतर्क है।
