Vishal Mega Mart की सब्सिडियरी पर कोर्ट का आदेश: ₹2.68 करोड़ किराया दो, दुकान खाली करो!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Vishal Mega Mart की सब्सिडियरी पर कोर्ट का आदेश: ₹2.68 करोड़ किराया दो, दुकान खाली करो!

Vishal Mega Mart की सब्सिडियरी Airplaza Retail Holdings को कोलकाता की एक दुकान को खाली करने और बकाया किराया चुकाने का कोर्ट से आदेश मिला है। कंपनी पर ₹2.68 करोड़ का भुगतान और हर दिन ₹2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है।

विशाल मेगा मार्ट की सब्सिडियरी पर कानूनी शिकंजा

पश्चिम बंगाल के राजारहाट, उत्तर 24 परगना स्थित कमर्शियल कोर्ट ने Airplaza Retail Holdings Private Limited, जो कि विशाल मेगा मार्ट लिमिटेड की एक सब्सिडियरी है, के खिलाफ एक अंतरिम आदेश जारी किया है। यह आदेश मकान मालिक Flowers Valley Floriculture Private Limited के साथ एक लीज (Lease) को लेकर विवाद के चलते आया है। मामला कोलकाता के काजी नसरूल इस्लाम एवेन्यू (VIP रोड), ज्यांगड़ा स्थित एक स्टोर से जुड़ा है।

क्या हुआ है?

कोर्ट ने Airplaza Retail Holdings Private Limited को अप्रैल 2020 से 18 दिसंबर 2020 तक के कॉन्ट्रैक्टुअल रेंट (Contractual Rent) और GST के तौर पर ₹2.68 करोड़ का भुगतान करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, सब्सिडियरी को आदेश जारी होने के दो महीने के भीतर प्रॉपर्टी खाली करनी होगी। सबसे अहम बात यह है कि 19 दिसंबर 2020 से प्रॉपर्टी का कब्जा वापस सौंपने तक, कंपनी पर हर दिन ₹2 लाख का 'मेस्ने प्रॉफिट' (Mesne Profit - यानी कब्जा वापस मिलने तक का किराया/मुआवजा) लगाया गया है।

क्यों यह अहम है?

यह कोर्ट का आदेश विशाल मेगा मार्ट के लिए ऑपरेशनल (Operational) और फाइनेंशियल (Financial) दोनों तरह के जोखिम खड़े करता है। एक स्टोर का बंद होना रिटेल ऑपरेशन्स (Retail Operations) को बाधित कर सकता है, वहीं भारी-भरकम किराया और रोजाना लगने वाला जुर्माना तब तक एक बड़ा फाइनेंशियल बोझ बना रहेगा जब तक कि कानूनी मामला सुलझ नहीं जाता।

मामला कहां से शुरू हुआ?

यह कानूनी विवाद स्टोर के लीज एग्रीमेंट (Lease Agreement) को लेकर है। कोर्ट के इस आदेश में पिछले किराए के भुगतान और परिसर खाली करने के निर्देश के साथ-साथ रोजाना लगने वाले जुर्माने का भी जिक्र है।

अब क्या बदलेगा?

Airplaza Retail Holdings Private Limited को कोर्ट के भुगतान और खाली करने के निर्देशों का पालन करना होगा। कंपनी इस आदेश की समीक्षा कर रही है और इसे चुनौती देने के लिए अपील (Appeal) दायर करने की तैयारी में है, जिससे मौजूदा आदेश के अमल पर रोक लग सकती है।

जोखिम क्या हैं?

  • अगर अपील सफल नहीं होती या इसमें देरी होती है, तो रोजाना लगने वाले ₹2 लाख के 'मेस्ने प्रॉफिट' के कारण फाइनेंशियल देनदारी (Financial Liability) काफी बढ़ सकती है।
  • प्रभावित क्षेत्र में स्टोर बंद होने से ऑपरेशनल असर पड़ सकता है।
  • अपील प्रक्रिया से जुड़े कानूनी खर्चे भी बढ़ेंगे।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों को Airplaza Retail Holdings Private Limited द्वारा दायर की गई अपील और उसके बाद के कोर्ट के फैसलों पर नज़र रखनी चाहिए। कंपनी द्वारा इस देनदारी के लिए किए गए प्रोविज़न्स (Provisions) का भी कंपनी के फाइनेंशियल डिस्क्लोजर्स (Financial Disclosures) में अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.