Vipul Ltd: कानूनी विवाद में फंसी कंपनी, लोन चुकाने को लेकर बड़ा कानूनी पेंच

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AuthorMehul Desai|Published at:
Vipul Ltd: कानूनी विवाद में फंसी कंपनी, लोन चुकाने को लेकर बड़ा कानूनी पेंच

Vipul Ltd ने S.K. Dudhoria Holdings के साथ चल रहे लोन विवाद का खुलासा किया है। कंपनी ने **₹58.44 लाख** की सेटलमेंट का दावा किया है, जबकि लेंडर की तरफ से **₹1.73 करोड़** की रिकवरी के लिए विभिन्न अदालतों में कार्यवाही चल रही है।

विवाद की स्थिति: दावा और देनदारी

इस मामले में आंकड़ों का बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। कंपनी का कहना है कि उनकी देनदारी केवल ₹58.44 लाख है, जबकि लेंडर (S.K. Dudhoria Holdings) ₹1.73 करोड़ और उस पर ब्याज की मांग कर रहे हैं।

क्या है मामला?

कंपनी ने 2015-16 के फाइनेंशियल ईयर में ₹2.40 करोड़ का अनसिक्योर्ड इंटर-कॉर्पोरेट लोन लिया था। Vipul Ltd का कहना है कि उन्होंने ₹2.10 करोड़ पहले ही लौटा दिए हैं। विवाद तब गहराया जब कंपनी ने अप्रैल 2025 में हुए एक सेटलमेंट एग्रीमेंट का हवाला दिया। कंपनी का दावा है कि उन्होंने सेटलमेंट के तहत पोस्ट-डेटेड चेक दिए थे, लेकिन लेंडर ने उन्हें कभी भुनाया (Present) ही नहीं।

कानूनी चुनौतियां

इस समय मामला दिल्ली हाईकोर्ट में है। लेंडर ने दिल्ली, कलकत्ता, भुवनेश्वर और गुरुग्राम की अदालतों में एग्जीक्यूशन की याचिकाएं दायर की हुई हैं।

  • कंपनी का तर्क: कंपनी का कहना है कि 2025 का सेटलमेंट एग्रीमेंट पुराने लोन अवार्ड की जगह ले चुका है, इसलिए वे ज्यादा रकम देने के लिए बाध्य नहीं हैं।
  • निवेशकों के लिए जोखिम: दिल्ली हाईकोर्ट में पेंडिंग याचिका (CM(M) No. 1548/2026) का नतीजा कंपनी के बैलेंस शीट पर सीधा असर डालेगा। अलग-अलग राज्यों में कानूनी कार्यवाही चलने के कारण कंपनी पर कानूनी खर्चों का दबाव बढ़ सकता है।
Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.