Vikran Engineering: टैक्स विवाद में कंपनी की बड़ी जीत, ₹3.96 करोड़ का बोझ हुआ खत्म

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AuthorAditya Rao|Published at:
Vikran Engineering: टैक्स विवाद में कंपनी की बड़ी जीत, ₹3.96 करोड़ का बोझ हुआ खत्म

Vikran Engineering Ltd को Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) मुंबई से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने असेसमेंट ईयर 2016-17 के लिए कंपनी पर लगाए गए ₹3.96 करोड़ के टैक्स डिमांड को रद्द कर दिया है।

ITAT के फैसले से कंपनी को मिली बड़ी राहत

मुंबई स्थित ITAT ने 15 सितंबर 2026 को दिए अपने आदेश में Vikran Engineering Ltd के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस फैसले के बाद कंपनी पर चल रहा पुराना टैक्स विवाद खत्म हो गया है। ट्रिब्यूनल ने कंपनी की तरफ से पेश किए गए लोन ट्रांजैक्शंस के सबूतों को स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद ₹6.79 करोड़ की इनकम एडिशन को हटा दिया गया है।

क्या था पूरा मामला?

यह विवाद मार्च 2021 में हुई एक सर्च ऑपरेशन के बाद सामने आया था, जिसमें कंपनी द्वारा लिए गए अनसिक्योर्ड लोन को 'अनएक्सप्लेन्ड कैश क्रेडिट' (Unexplained Cash Credit) माना गया था। असेसिंग ऑफिसर ने लोन की मूल राशि और उस पर दिए गए ब्याज को कंपनी की टैक्सेबल इनकम में जोड़ दिया था। कंपनी ने इस फैसले को चुनौती दी थी और यह साबित किया कि उनके लेंडर्स की क्रेडिटवर्थनेस और ट्रांजैक्शन पूरी तरह से जेनुइन थे।

निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?

इस कानूनी जीत के बाद कंपनी की बैलेंस शीट से ₹3.96 करोड़ की कंटिजेंट लायबिलिटी (Contingent Liability) पूरी तरह खत्म हो गई है। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में साफ किया है कि इस फैसले का उनके मौजूदा ऑपरेशन्स पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि इससे कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति और मजबूत हुई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.