Vikram Solar Limited को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 12 जून, 2026 को कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में डाल दिया है। कंपनी के एक निलंबित डायरेक्टर ने इस फैसले के खिलाफ अपील की है, जिस पर NCLAT 24 जून को सुनवाई करेगा।
Vikram Solar Ltd कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस में दाखिल
Vikram Solar Limited को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), कोलकाता बेंच ने 12 जून, 2026 को कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में स्वीकार कर लिया है। यह इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया M/s Isitva Steels Private Limited द्वारा इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 की धारा 9 के तहत दायर की गई याचिका के बाद शुरू हुई है।
क्या हुआ?
Vikram Solar Limited अब आधिकारिक तौर पर कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में प्रवेश कर चुकी है। NCLT ने 12 जून, 2026 को कंपनी को CIRP में डाल दिया। अब कंपनी के मामलों का नियंत्रण अंतरिम समाधान पेशेवर (Interim Resolution Professional) सुश्री तृप्ति अग्रवाल के हाथों में है।
यह क्यों मायने रखता है?
CIRP में कंपनी का दाखिला Vikram Solar Limited के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिसका असर इसके ऑपरेशंस और निवेशकों के भरोसे पर पड़ेगा। एक अहम घटनाक्रम 24 जून, 2026 को होने वाली NCLAT की सुनवाई है, जो इनसॉल्वेंसी की कार्यवाही की दिशा को काफी हद तक बदल सकती है।
पृष्ठभूमि
इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया M/s Isitva Steels Private Limited की याचिका के कारण शुरू हुई। यह Vikram Solar Limited के लिए एक गंभीर वित्तीय संकट की घटना है।
अब क्या बदलेगा?
M/s Isitva Steels Private Limited द्वारा दायर याचिका के चलते इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया शुरू हुई। यह Vikram Solar Limited के लिए एक गंभीर वित्तीय संकट की घटना है।
जोखिम
निलंबित डायरेक्टर श्री समीर नागपाल द्वारा NCLAT में दायर की गई अपील ने महत्वपूर्ण अनिश्चितता पैदा कर दी है। 24 जून को इस अपील का परिणाम CIRP को रोकने या पलटने का कारण बन सकता है, जिससे सभी हितधारकों पर असर पड़ेगा।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को 24 जून को NCLAT की सुनवाई पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए। यदि कोई समाधान योजना (resolution plan) पेश की जाती है, और दावों की प्रस्तुति प्रक्रिया का परिणाम क्या होता है, यह भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे।
