Vikas WSP Limited के लिए एक बड़ा अपडेट सामने आया है। NCLT की चंडीगढ़ बेंच ने कंपनी के कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्लान (CIRP) को मंजूरी दे दी है, जो साल 2022 से चल रही दिवालिया प्रक्रिया में एक बड़ा मील का पत्थर है।
NCLT से मिली हरी झंडी
नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की चंडीगढ़ बेंच ने आखिरकार Vikas WSP Ltd के रेजोल्यूशन प्लान पर मुहर लगा दी है। यह फैसला 9 सितंबर, 2026 को ओपन कोर्ट में सुनाया गया। यह कानूनी कदम उस लंबी प्रक्रिया का अंत है, जो फरवरी 2022 से इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के तहत चल रही थी।
आगे क्या होगा?
NCLT की यह मंजूरी किसी भी संकटग्रस्त कंपनी के लिए रिवाइवल (Revival) का रास्ता खोलती है। अब कंपनी में मैनेजमेंट में बड़े बदलाव और कैपिटल रेस्ट्रेक्चरिंग होने की संभावना है। चूंकि अभी तक रेजोल्यूशन प्लान की बारीकियां सामने नहीं आई हैं, इसलिए निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि मौजूदा कर्ज का निपटारा कैसे होगा और शेयरधारकों के इक्विटी होल्डिंग्स पर इसका क्या असर पड़ेगा।
पुरानी कहानी और अब नजरें
इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कंपनी का कामकाज इंटरिम रेजोल्यूशन प्रोफेशनल (IRP) दर्शन सिंह आनंद की देखरेख में चल रहा था। अब निवेशकों को BSE पर आने वाली आधिकारिक फाइलिंग का इंतजार है। आने वाले समय में यह देखना सबसे महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी की कमान किस 'रेजोल्यूशन एप्लीकेंट' के हाथ में जाती है और नए प्रमोटर्स के आने की टाइमलाइन क्या होगी।
