VXL Instruments की कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) में एक तकनीकी बाधा आई है। सफल रिजॉल्यूशन आवेदक NG Organics द्वारा पूरा फंड देने के बावजूद, कंपनी को मर्जर शर्तों में बदलाव के लिए NCLT से मंजूरी लेनी पड़ रही है।
क्या है पूरा मामला?
VXL Instruments लिमिटेड अभी कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रेजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) से गुजर रही है। NCLT मुंबई बेंच ने 9 सितंबर, 2026 को कंपनी के रिजॉल्यूशन प्लान को मंजूरी दी थी। हालांकि, ऑर्डर में दिए गए एक निर्देश के मुताबिक, सफल रिजॉल्यूशन आवेदक (SRA) NG Organics के मर्जर को 'कंपनी एक्ट, 2013' के तहत पूरा करना था। इसी शर्त के कारण ओरिजिनल मर्जर क्लॉज को लागू करने में तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं।
क्यों घबराएं नहीं निवेशक?
कंपनी ने अब 'IBC' की धारा 60(5) के तहत आवेदन किया है, ताकि इन क्लॉज में सुधार किया जा सके। राहत की बात यह है कि ये बदलाव केवल प्रक्रियात्मक (Procedural) हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इससे रिजॉल्यूशन प्लान की कमर्शियल या फाइनेंशियल शर्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मैनेजमेंट और फंडिंग का स्टेटस
अच्छी खबर यह है कि SRA (NG Organics) ने प्लान के तहत पूरी रकम पहले ही जमा कर दी है। फिलहाल, कंपनी का कामकाज 'मॉनिटरिंग कमेटी' की निगरानी में चल रहा है और यह स्थिति तब तक बनी रहेगी जब तक NCLT इन बदलावों पर अपना अंतिम निर्देश नहीं दे देता।
आगे क्या करना होगा?
निवेशकों को अब NCLT की अगली सुनवाई पर नजर रखनी चाहिए। कोर्ट का फैसला ही तय करेगा कि मर्जर का नया ढांचा क्या होगा और कब कंपनी की कमान पूरी तरह नई मैनेजमेंट को सौंपी जाएगी।
